बिहार की पारंपरिक उपज अब सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के गलियारों में भी अपनी पहचान बना रही है। ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान देते हुए इसे भारत और बिहार दोनों के लिए गर्व का विषय बताया है। उनके मुताबिक, इस वैश्विक मंच से बिहार के दो सबसे चर्चित खाद्य उत्पाद—मखाना और सत्तू—को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों के हितों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।
ब्रिक्स सम्मेलन को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कूटनीतिक नेतृत्व में भारत ने ब्रिक्स सम्मेलन में जो स्थान हासिल किया है, वह देश की बढ़ती वैश्विक ताकत का सबूत है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स के जरिए दुनिया के 11 महत्वपूर्ण देशों का सहयोग भारत को प्राप्त हुआ है, जो किसी भी दृष्टि से देखा जाए, एक बड़ी राजनयिक उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मेलन की सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी और कहा कि भारत की वैश्विक साख के मजबूत होने का लाभ सीधे-सीधे राज्यों तक पहुंच रहा है, और बिहार इसका उदाहरण बन रहा है।
मखाना: मिथिला की उपज का विश्व स्तर पर सफर
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में मखाने को खास जगह दी। दरअसल, बिहार देश और दुनिया के कुल मखाना उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा अकेले पूरा करता है। मिथिलांचल क्षेत्र—दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जैसे जिलों—में हजारों परिवार इसकी खेती और प्रसंस्करण से जुड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों में ‘मिथिला मखाना’ को जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग मिल चुका है, और केंद्रीय बजट में मखाना बोर्ड की घोषणा से इस क्षेत्र को नई गति मिली है। पीएम मोदी खुद मखाने को अपनी थाली में शामिल कर इसे प्रमोट करते आए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ब्रिक्स जैसे मंच पर इस उपज की चर्चा होना बिहार के लिए गर्व की बात है।
सत्तू: देसी सुपरफूड को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
बिहार की रसोई की पहचान सत्तू के बिना अधूरी है। भुने चने के आटे से बनने वाला सत्तू सदियों से यहां गर्मियों में ऊर्जा और प्रोटीन का देसी स्रोत माना जाता रहा है। आज इसे हेल्थ एक्सपर्ट्स ‘सुपरफूड’ की श्रेणी में रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए सत्तू जैसे पारंपरिक उत्पाद को वैश्विक पहचान मिलना बिहार की संस्कृति और खानपान की समृद्धि को दुनिया के सामने लाने वाला कदम है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
बिहार के किसानों और उद्यमियों को क्या मिलेगा फायदा?
मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि मखाना और सत्तू की निर्यात क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से निर्यात बढ़ेगा। विदेशी बाजारों में बिहार के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ सकती है।
किसानों की आमदनी बढ़ेगी बेहतर दाम मिलने से मिथिलांचल के मखाना किसानों को सीधा लाभ होगा। रोजगार के नए अवसर फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग इकाइयों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। ब्रांड बिहार को मजबूती राज्य की औद्योगिक और कृषि पहचान वैश्विक स्तर पर खड़ी होगी।
आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के साथ खड़ा भारत
ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को सदस्य देशों का समर्थन मिलने पर भी मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से डटा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर भारत की बात को वजन मिल रहा है। उनके अनुसार, यह सामूहिक एकजुटता दर्शाती है कि विश्व नेतृत्व में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

























