बिहार में पुल हादसों की घटनाएं एक बार फिर सामने आई हैं। राज्य के वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड अंतर्गत जलालपुर गांव के पास गुरुवार को निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक धड़ाम से गिर गया। इस दर्दनाक घटना में सात श्रमिक घायल हो गए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बुद्ध सर्किट हाईवे पर हुआ यह हादसा
यह घटना भारतमाला परियोजना के तहत सोनपुर से केसरिया के बीच बन रहे सिक्स लेन बुद्ध सर्किट हाईवे के निर्माण स्थल पर हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुल के लॉन्चर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर विस्थापित किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और पूरा स्ट्रक्चर नीचे गिर आया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कई मजदूर साइट पर काम कर रहे थे।
पुल का स्ट्रक्चर गिरने के बाद निर्माण साइट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मजदूरों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। आसपास के ग्रामीण भी हादसे की सूचना पाकर तुरंत साइट पर पहुंच गए और मलबे में दबे श्रमिकों को निकालने में मदद की।
तत्काल पहुंची प्रशासनिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज प्रखंड तथा वैशाली जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया और बचाव दल को तत्काल एक्शन में लाया गया। मलबे में फंसे सभी घायल श्रमिकों को सुरक्षित निकालकर लालगंज रेफरल अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच-पड़ताल की और दो श्रमिकों की हालत नाजुक देखी गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हाजीपुर रेफर कर दिया गया। अन्य पांच घायलों का इलाज लालगंज अस्पताल में जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी घायल जीवित हैं, जिससे बड़े हादसे से बचने की राहत की खबर है।
जिला प्रशासन ने जारी किया आधिकारिक बयान
वैशाली जिला प्रशासन ने इस घटने को लेकर एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की है। बयान में कहा गया है कि निर्माणाधीन पुल के लॉन्चर को विस्थापित करने के दौरान यह दुर्घटना घटी। प्रशासन का कहना है कि घटना के संबंध में संबंधित अधिकारी गहन जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदार लोगों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित करने और साइट पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। यह भी कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जांच में होगा घटना के कारणों का खुलासा
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर लॉन्चर के गिरने का असली कारण क्या रहा। क्या यह तकनीकी खराबी थी, क्रेन की विफलता थी या फिर सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी? इन सभी पहलुओं पर अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही घटना का वास्तविक कारण सामने आएगा।
बिहार में पुल हादसों पर फिर उठे सवाल
यह घटना बिहार में पुल सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों को फिर से हवा देती है। पिछले कुछ सालों में राज्य में कई बार निर्माणाधीन या बने-बनाए पुल गिरने की खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में निर्माण एजेंसियों द्वारा क्वालिटी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर बार-बार सवाल खड़े होते हैं। मजदूरों की सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, साइट पर सेफ्टी ऑडिट और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति जैसी बातें अक्सर नजरअंदाज की जाती हैं।


























