पुणे जिले में विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर और ग्रामीण इलाकों दोनों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि जीवन स्तर में सुधार हो सके। हाल ही में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। इस रिपोर्ट में इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजनाएं और सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट की गई हैं।
मेट्रो विस्तार और परिवहन परियोजनाएं
पुणे महानगर क्षेत्र में परिवहन और यातायात सुविधा को बेहतर बनाने के लिए अनेक मेट्रो मार्गों के निर्माण पर काम चल रहा है। चांदनी चौक-पिरंगुट मेट्रो मार्ग का डीपीआर (डिजाइन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इस मार्ग का प्रस्ताव विशेष रूप से पिरंगुट और हिंजवडी जैसे क्षेत्रों को शहर के मुख्य हिस्सों से जोड़ने के लिए है। सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मार्ग की आवश्यकता को स्वीकार किया है।
इसके साथ ही, वनाज-चांदनी चौक एलिवेटेड मार्ग के लिए पुणे महानगरपालिका की आर्थिक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है, जो शहर के यातायात दबाव को कम करने में मदद करेगा। रामवाड़ी-वाघोली मेट्रो मार्ग के आराखड़े को मंजूरी दी गई है, वहीं लोहगांव विमानतल से जुड़ने वाले मेट्रो कनेक्टिविटी की डीपीआर को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इन परियोजनाओं से शहर के आवागमन में सुविधा और समय की बचत होगी, साथ ही यातायात का दबाव भी कम होगा।
पुरंदर विमानतल का विकास
पुरंदर क्षेत्र में बनने वाले नए विमानतल की परियोजना को लेकर भी तेजी दिखाई जा रही है। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष अधिग्रहण कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विमानतल का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके। यह विमानतल क्षेत्र के आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा, साथ ही क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी सुधार करेगा।
आवास योजना और भूमि हस्तांतरण
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत, मनपा को प्राप्त आवेदनों की जांच में 3,227 आवेदन पात्र पाए गए हैं। मामुर्डी, पुनावले, वडमुखवाडी, ताथवडे और चोविसावाडी जैसे इलाकों में लगभग 6,800 मकानों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में 91.59 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
दूसरे चरण में, 38,465 मकानों में से 9,258 मकान पूर्ण हो चुके हैं, जबकि अभी भी 29,207 मकान निर्माणाधीन हैं। प्रत्येक तहसील के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवास योजना का लाभ जल्द से जल्द ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को मिल सके।
जल जीवन मिशन और जलापूर्ति योजनाएं
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में 1,239 योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से अभी 39,255 नल कनेक्शन लंबित हैं। इन शेष कनेक्शनों और अधूरी जलापूर्ति योजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वामित्व योजना के तहत 1,100 गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है, वहीं 829 गांवों में संपत्ति पत्रिकाओं का भी तैयार किया गया है। शेष संपत्ति पत्रिकाओं और सनदों का वितरण तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है। इससे जल सुविधाओं में सुधार और ग्रामीण इलाकों की जलसंबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा।
अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं और योजनाएं
बैठक में इंद्रायणी और पवना नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य नदी जल की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण नियंत्रण है। इसके साथ ही, भारतीय विमानपतन प्राधिकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। पीएम सूर्यधर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि, स्मार्ट सिटी परियोजना और जल शक्ति अभियान जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
सरकार की प्राथमिकताएं और कार्ययोजना
बैठक में सभी परियोजनाओं की समयसीमा तय की गई और तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से, भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्य और योजनाओं का मानकीकृत और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी विभागों को मासिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य शहर और जिले के विकास को गति देना, जीवन स्तर में सुधार लाना और बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।


























