Zomato ने नकद भुगतान पर लगाया नया शुल्क, पढ़िए पूरी खबर

Zomato ने अपने भुगतान नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब, जो ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी (COD) के माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं, उन्हें अतिरिक्त शुल्क के रूप में ₹5 से लेकर ₹20 तक का भुगतान करना पड़ेगा। यह चार्ज ऑर्डर के बिल में अलग से दिखाया जाएगा, ताकि ग्राहक को पता चल सके कि किस कारण से उनका बिल बढ़ रहा है।

Zomato से खाना मंगाते समय अब लगेगा अतिरिक्त शुल्क

HIGHLIGHTS

  • डिजिटल पेमेंट नहीं तो लगेगा अतिरिक्त ₹20 का चार्ज, जानिए क्यों
  • नकद पेमेंट पर लगेगा ₹5 से ₹20 तक का अतिरिक्त चार्ज—जानिए क्यों
  • अब Zomato से ऑर्डर पर नकद पेमेंट पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
  • Zomato का नया नियम: नकद भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त चार्ज

आज के समय में ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग के लिए Zomato जैसी लोकप्रिय ऐप का उपयोग बहुत ही आम बात हो गई है। यह ऐप ग्राहकों को घर बैठे स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने का आसान और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करता है। लेकिन अब, यदि आप Zomato से खाना ऑर्डर करते समय कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं, तो आपके बिल में एक नया चार्ज जुड़ जाएगा। इस खबर से संबंधित सभी जरूरी बातें, नियम और फायदे-नुकसान की विस्तृत जानकारी इस लेख में दी गई है।

Zomato का नया ‘पे ऑन डिलीवरी’ चार्ज: क्या है बदलाव?

हाल ही में, Zomato ने अपने भुगतान नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब, जो ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी (COD) के माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं, उन्हें अतिरिक्त शुल्क के रूप में ₹5 से लेकर ₹20 तक का भुगतान करना पड़ेगा। यह चार्ज ऑर्डर के बिल में अलग से दिखाया जाएगा, ताकि ग्राहक को पता चल सके कि किस कारण से उनका बिल बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, यह शुल्क आमतौर पर ₹5 से शुरू होकर कुछ इलाकों में ₹7 से अधिक भी हो सकता है, और अधिकतम सीमा ₹20 तक है।

क्यों लगाया गया यह नया शुल्क?

Zomato ने यह कदम ग्राहक से अधिक राजस्व प्राप्त करने और बाजार में अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे रहने के लिए उठाया है। कंपनी का तर्क है कि भुगतान के तरीकों से होने वाली कमाई को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है। खास बात यह है कि यह शुल्क केवल और केवल कैश पेमेंट यानी नकद भुगतान पर ही लागू होगा। यदि ग्राहक ऑर्डर करते समय ऑनलाइन भुगतान (UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग) का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

यह नया शुल्क, Zomato द्वारा पहले से ही लग रहे प्लेटफॉर्म शुल्क, रेस्टोरेंट से लिया जाने वाला पैकेजिंग चार्ज और GST से अलग है। इसका मतलब है कि यदि आप कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं, तो आपको अपने बिल में एक अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ेगी, जो आपके कुल खर्च को थोड़ा बढ़ा सकती है।

क्या है इस बदलाव का फायदा और नुक्सान?

  • ऑनलाइन भुगतान करने वालों के लिए राहत: यदि आप डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनते हैं, तो आप इस अतिरिक्त शुल्क से बच सकते हैं। यह ग्राहकों के लिए राहत की बात है क्योंकि डिजिटल पेमेंट से न केवल ट्रांजेक्शन आसान होता है, बल्कि यह सुरक्षित भी होता है। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है, जो कि बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
  • कैश पेमेंट पर बढ़ेगा खर्च: जो ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अब अपने बिल में अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा, जिससे उनका कुल खर्च बढ़ जाएगा। इससे ग्राहकों की पसंद पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों के बीच जो नकद भुगतान पसंद करते हैं।

Zomato का मार्केट में मुकाबला और प्रतिस्पर्धा

Zomato रोजाना लगभग 23 से 25 लाख फूड ऑर्डर की डिलीवरी करता है, जो कि भारत के फूड डिलीवरी बाजार का एक बड़ा हिस्सा है। लेकिन अब बाजार में नए खिलाड़ी भी कदम बढ़ा रहे हैं। Rapido का ‘Only’ ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जबकि Flipkart भी अपने ‘Eat In’ नामक फूड डिलीवरी सर्विस का ट्रायल कर रहा है। इन नए विकल्पों के बीच, Zomato को अपने ग्राहकों को आकर्षित रखने के लिए नए-नए कदम उठाने पड़ रहे हैं।

स्विगी, जो Zomato की मुख्य प्रतिस्पर्धी कंपनी है, ने अभी तक ऐसा कोई कैश ऑन डिलीवरी चार्ज नहीं लागू किया है। स्विगी का मानना है कि ग्राहकों को अधिक शुल्क चार्ज करने से बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, Zomato ने अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए August महीने में अपने कामकाज में बदलाव भी किए हैं। इस दौरान, कंपनी ने लगभग 250 कर्मचारियों की छंटनी की और हैदराबाद के कस्टमर केयर सेंटर को बंद कर दिया गया और उसके काम को गुड़गांव शिफ्ट कर दिया गया है।

आगे की रणनीति और ग्राहक पर असर

Zomato का यह कदम बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और मुनाफा बढ़ाने का एक प्रयास है। हालांकि, इससे ग्राहकों की पसंद और खर्च पर प्रभाव पड़ेगा। डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिल रहा है, जबकि नकद भुगतान करने वालों को अब अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इसका प्रभाव ग्राहक संतुष्टि और कंपनी की ब्रांड छवि पर भी पड़ सकता है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now