---Advertisement---

बिहार: सुपौल में बड़ा हादसा टला, खाई में गिरी बस, 30 यात्रियों की बची जान

Bihar News: बस के खाई में लटकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घबराकर चीखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अगर बस बांस में नहीं फंसती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था। घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।

तेज रफ्तार बस खाई में गिरी, बांस के झुंड ने बचाई यात्रियों की जिंदगी

HIGHLIGHTS

  • बिहार के सुपौल में खौफनाक हादसा, बस खाई में लटकी
  • NH-106 पर बड़ा हादसा टला, ग्रामीण बने यात्रियों के रक्षक
  • अनियंत्रित बस खाई में गिरी, बाल-बाल बचे 30 यात्री
  • सुपौल बस हादसा: चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने बचाईं जानें
  • तेज रफ्तार का कहर, बस खाई में गिरी, मचा हड़कंप

Bihar News: सुपौल में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि खाई में मौजूद घने बांस के झुंड ने बस को पूरी तरह पलटने से रोक लिया, जिससे करीब 25 से 30 यात्रियों की जान बच गई। हादसे में लगभग आधा दर्जन यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

यह घटना पिपरा थाना क्षेत्र के विशनपुर स्थित NH-106 पर हुई। जानकारी के अनुसार, बस भीमनगर से सहरसा की ओर जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क से फिसलकर खाई में जा पहुंचा। बस पूरी तरह पलटने ही वाली थी कि बांस के घने झुंड में अटक गई।

बस में मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

बस के खाई में लटकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घबराकर चीखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अगर बस बांस में नहीं फंसती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था। घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। काफी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया।

घायल यात्रियों का इलाज जारी

हादसे में घायल हुए यात्रियों को इलाज के लिए पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी है। बस में सवार एक यात्री ने बताया कि बस पूरी तरह खाई में चली गई थी, लेकिन बांस के झुंड ने सभी यात्रियों के लिए ढाल का काम किया। समय रहते ग्रामीणों की मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-106 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now