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पालकी महामार्ग की बदहाल हालत पर सख्त हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

Maharashtra News: पुणे स्थित पालकी मार्ग के औचक निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने निर्माण कार्यों की हालत देखी तो वे नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्हें कई जगहों पर घटिया निर्माण सामग्री, उखड़ी हुई डामर की परतें, सड़क के धंसे हुए हिस्से और अधूरे निर्माण कार्य देखने को मिले।

गडकरी का सख्त रुख: पालकी मार्ग की खराब हालत पर ठेकेदारों पर गिरी गाज

HIGHLIGHTS

  • संत तुकाराम पालकी मार्ग का हाल देख भड़के गडकरी, जांच के आदेश
  • 4416 करोड़ की सड़क पर घटिया काम उजागर, गडकरी ने दिखाई सख्ती
  • पंढरपुर पालकी मार्ग निरीक्षण में खुली पोल, ठेकेदारों पर कार्रवाई के संकेत
  • आषाढ़ी वारी से पहले पालकी मार्ग की बदहाली पर गडकरी का अल्टीमेटम
  • NH-965G की गुणवत्ता पर सवाल, गडकरी ने रोका भुगतान का आदेश दिया

Maharashtra News: लाखों वारकरियों की आस्था और विश्वास का केंद्र बना संत तुकाराम महाराज पालकी महामार्ग (NH-965G) अपनी बदहाल हालत के चलते अब सियासी गलियारों में भी गूंज रहा है। इस मामले में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक बेहद सख्त और अप्रत्याशित रुख अपनाते हुए ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं।

औचक निरीक्षण में खुली पोल

पुणे स्थित पालकी मार्ग के औचक निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने निर्माण कार्यों की हालत देखी तो वे नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्हें कई जगहों पर घटिया निर्माण सामग्री, उखड़ी हुई डामर की परतें, सड़क के धंसे हुए हिस्से और अधूरे निर्माण कार्य देखने को मिले। मंत्री ने तुरंत ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए आदेश दिए कि जब तक काम में सुधार नहीं हो जाता, तब तक दोषी ठेकेदारों का कोई भी भुगतान जारी नहीं किया जाए।

ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

गडकरी ने चेतावनी दी है कि अगर निर्माण कार्य तय मापदंडों पर खरा नहीं उतरा, तो ठेकेदारों को एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर लापरवाह कंपनियों को पक्का तौर पर ब्लैकलिस्ट करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस सख्त रुख के बाद NHAI अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

दावे और हकीकत में बड़ा फासला

संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग पाटस से पंढरपुर तक 130 किलोमीटर लंबा है, जिसकी कुल लागत 4416 करोड़ रुपए है। प्रशासन द्वारा कागजों पर इस मार्ग का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया जा रहा था। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही थी। निरीक्षण के दौरान सामने आई खराब गुणवत्ता ने प्रशासन के इन दावों की पोल खोल दी।

वारकरियों की सुरक्षा पर जोर

यह मार्ग आषाढ़ीवारी के दौरान भगवान विठ्ठल के दर्शन को जाने वाली लाखों दिंडियों और वारकरियों के लिए जीवन रेखा माना जाता है। मंत्री गडकरी ने साफ किया कि वारकरियों की सुरक्षा और सुविधाओं से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने NHAI इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि वे 24 घंटे साइट पर मौजूद रहकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करें और कमियों को युद्ध स्तर पर दुरुस्त कराएं।

आषाढ़ी वारी से पहले चिंता बढ़ी

आषाढ़ी वारी की शुरुआत में अब कुछ ही हफ्तों का समय शेष रह गया है। ऐसे में सड़क की इस दयनीय स्थिति के चलते श्रद्धालुओं को समय पर सुरक्षित रास्ता मिलेगा या नहीं, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। मंत्री की इस कड़ाई के बाद अब देखना होगा कि ठेकेदार प्रशासन की इस सख्ती को कितनी गंभीरता से लेते हैं और वारकरियों के लिए मार्ग सुरक्षित बन पाता है या नहीं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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