मुंबई में तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की जालसाजी , तीन गिरफ्तार

मुंबई के फर्जी बाबा द्वारा तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर लोगों का भरोसा जीतने का प्रयास किया। शुरुआत में, इन जालसाजों ने दावा किया कि एक तांत्रिक पूजा के बाद 15 करोड़ रुपये की बारिश होगी, जिससे लोगों की अमीर बनने की चाह और भी बढ़ गई।

मुंबई में तंत्र-मंत्र के नाम पर हुई 11 लाख की ठगी (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • मुंबई में तंत्र-मंत्र के नाम पर 11 लाख धोखाधड़ी
  • नकली नोटों का जाल: मुंबई में बड़ा फ्रॉड का खुलासा
  • फर्जी बाबा गिरफ्तार: मुंबई में 11 लाख की ठगी का पर्दाफाश
  • नकली नोट और झांसे में फंसे लोग: मुंबई का बड़ा मामला

मुंबई में तंत्र-मंत्र और जादू-टोना के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि इन आरोपियों ने लोगों को झांसे में लेकर न केवल भारी मात्रा में नकली नोट बांटे बल्कि बड़ी संख्या में लोगों से ठगी भी की। यह केस महाराष्ट्र के मुंबई से शुरू होकर नासिक के अभोणा इलाके तक पहुंचा है, जहां पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। आइए जानते हैं इस फ्रॉड का पूरा मामला, इसकी विस्तृत जानकारी और सावधानियों के उपाय।

तंत्र-मंत्र के नाम पर 11 लाख की ठगी: पूरा मामला

मामला मुंबई के फर्जी बाबा हिराचंद बर्डे और उसके साथियों का है, जिन्होंने तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर लोगों का भरोसा जीतने का प्रयास किया। शुरुआत में, इन जालसाजों ने एक छोटे से चमत्कार का दिखावा किया, जिसमें उन्होंने एक हजार रुपये के बदले दो लाख रुपये का वादा किया। यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और जालसाजों के झांसे में कई लोग आ गए। इसके बाद, आरोपियों ने दावा किया कि एक तांत्रिक पूजा के बाद 15 करोड़ रुपये की बारिश होगी, जिससे लोगों की अमीर बनने की चाह और भी बढ़ गई।

लोगों से ऑनलाइन और नकद रकम की ठगी

बाबा हिराचंद बर्डे और उसके गिरोह ने लोगों से कुल मिलाकर लगभग 11 लाख रुपये की नकदी और ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से पैसे ऐंठे। इन जालसाजों ने विश्वास दिलाया कि पूजा के बाद पैसे की बारिश होगी, जिससे लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए भारी रकम इनको दे बैठे। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बड़े-बड़े लालच और झांसे में फंसाया गया। इन आरोपियों ने नासिक के अभोणा इलाके में बुलाकर पूजा का दिखावा किया और नकली नोटों से भरी बोरी पीड़ितों को सौंप दी। बताया जाता है कि इस बोरी में नकली नोट थे, जिन्हें देख पीड़ित समझ गए कि यह धोखा है।

नकली नोट का खुलासा और पुलिस का कदम

जैसे ही पीड़ितों को पता चला कि उन्होंने नकली नोट प्राप्त किए हैं, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से इन पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी बाबा हिराचंद बर्डे और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस इन आरोपियों से और भी ठगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है, ताकि उनके नेटवर्क का पूर्ण पर्दाफाश किया जा सके और अन्य पीड़ितों को भी राहत दी जा सके।

क्या है पुलिस का सुझाव?

पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस तरह के किसी भी झांसे में ना आएं और अपनी संपत्ति और पैसे सुरक्षित रखें। यदि कोई व्यक्ति तंत्र-मंत्र या जादू-टोना के नाम पर आपसे ठगने की कोशिश करता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। साथ ही, लोगों को चेतावनी दी गई है कि नकली नोटों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी इस तरह के जालसाजों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।

सावधानियों के उपाय और जागरूकता

यह मामला स्पष्ट करता है कि तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह कितने चालाक और शातिर हो सकते हैं। इसलिए, हमें चाहिए कि हम अपनी जागरूकता बढ़ाएं और किसी भी तरह के लालच में न आएं। यदि किसी को भविष्यवाणी या जादू-टोना करने का दावा करता है, तो उसकी बातों में न आकर, स्थानीय पुलिस या मान्यताप्राप्त धार्मिक संस्थानों से परामर्श लें। साथ ही, नकली नोटों की पहचान के तरीके जानना भी जरूरी है। बाजार में नकली नोटों की पहचान के कई तरीके मौजूद हैं, जैसे हिलाकर देखना, वाटरमार्क जांचना, और सिक्योरिटी फीचर को देखना। इन उपायों का पालन कर आप अपने पैसे की रक्षा कर सकते हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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