Maharashtra News: महाराष्ट्र के धुले जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालिंग घाट के पास हुए इस भीषण हादसे में एक टोल कर्मचारी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटना के बाद लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे की शुरुआत रेत से भरे एक तेज रफ्तार डंपर और एक ट्रक की टक्कर से हुई। बताया जा रहा है कि लालिंग घाट से गुजरते समय डंपर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद डंपर सामने चल रहे ट्रक से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
इसी दौरान पीछे से आ रही एक निजी यात्री बस भी दुर्घटनास्थल तक पहुंच गई। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बस चालक अचानक सामने हुए हादसे को देखकर वाहन नियंत्रित नहीं कर सका और बस पहले से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से जा टकराई। इस दूसरी टक्कर ने हादसे को और भी भयावह बना दिया। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री बस में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
6 लोगों की मौत, 26 घायल
इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में एक टोल कर्मचारी भी शामिल है, जो हादसे के दौरान मौके पर मौजूद था। वहीं 26 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों को गंभीर स्थिति में धुले और नासिक के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है।
हादसे का वीडियो आया सामने
हादसे के बाद घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दुर्घटना की भयावहता साफ देखी जा सकती है। वीडियो में सड़क पर क्षतिग्रस्त वाहन, टूटी हुई बस और चारों ओर फैला मलबा नजर आ रहा है। कई लोग घायल अवस्था में सड़क किनारे दिखाई दे रहे हैं, जबकि राहत और बचाव दल लोगों को बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हादसे को लेकर दुख व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को इस दुर्घटना की बड़ी वजह बताया है।
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया। बचाव कार्य के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि हादसे के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे और अधिक जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।
हाईवे पर यातायात हुआ प्रभावित
हादसे के बाद मुंबई-आगरा हाईवे पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और मलबे के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने का प्रयास किया। करीब कई घंटों की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से वाहनों को हटाया गया और धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे हाईवे पर सावधानी से वाहन चलाएं और गति सीमा का पालन करें।
टोल कर्मचारी की मौत के बाद प्रदर्शन
हादसे में टोल कर्मचारी की मौत के बाद NHAI के कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों ने घटनास्थल पर धरना प्रदर्शन किया और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि हाईवे पर लगातार भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घाट और हाईवे क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
























