ठाणे जिले के मुंब्रा में 20 दिन के एक नवजात बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बच्चे का सौदा कथित तौर पर ढाई लाख रुपये से शुरू हुआ और बिचौलियों के जरिए रकम बढ़कर 6.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चे को जालना से रत्नागिरी तक अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया था।
पुलिस ने मां की शिकायत के आधार पर 5 नवंबर को मुंब्रा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया। आरोपियों पर अपहरण और बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोप हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने में किसकी क्या भूमिका थी और कथित सौदे में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मां पर बच्चे को बेचने के लिए दबाव डालने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय अनीसा रफीक शेख कल्याण के शांतिनगर इलाके में रहती हैं और मुंब्रा रेलवे स्टेशन परिसर में भीख मांगकर गुजारा करती हैं। आरोप है कि रेहान रिजवान शेख ने अनीसा पर उनके 20 दिन के बच्चे को बेचने के लिए दबाव बनाया। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, बच्चे का सौदा ढाई लाख रुपये में तय होने की बात सामने आई थी।
इसके बाद बच्चा कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि हर चरण में सौदे की रकम बढ़ती गई और कुल रकम 6.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। अब जांचकर्ता यह जानकारी जुटा रहे हैं कि रकम किन लोगों के माध्यम से आगे बढ़ी और बच्चे को किन-किन जगहों पर ले जाया गया।
मां और बहन से मारपीट कर पैसे छीनने का आरोप
मामले में अनीसा और उनकी बहन अलकिशा के साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, अनीसा को पूरी जानकारी न मिले और मामला सामने न आए, इसलिए उन्हें कथित तौर पर केवल 1 लाख 95 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। आरोप है कि रकम देने के बाद अनीसा और उनकी बहन को तार से पीटा गया और उनसे पैसे छीन लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। नवजात के गायब होने और कथित सौदे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर तलाश और पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी जानकारी और खुफिया तंत्र की मदद से बच्चे की आवाजाही के बारे में सुराग जुटाए गए।
जालना से रत्नागिरी तक तलाश
पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटिल के निर्देश पर जांच तेज की गई। जांच के दौरान पुलिस को बच्चे को जालना और रत्नागिरी समेत अलग-अलग स्थानों पर ले जाए जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने दो अलग-अलग दिनों में कार्रवाई कर कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया और नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार ज्योति नरेश पाटिल, रेहान रिजवान शेख, फरहान उर्फ फरी रेहान शेख, फरीदा अकबर सैयद, हुस्ना अल्ताफ शेख, अनीता गोपीनाथ धोत्रे, सुनीता प्रवीण खैरनार, गोपीनाथ किसन धोत्रे, प्रतिमा प्रकाश परब और शिल्पा प्रदीप साठे हैं।
पुलिस आगे किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कथित सौदे की योजना कैसे बनी, बच्चे को किन लोगों ने और किन स्थानों पर पहुंचाया, तथा गिरफ्तार आरोपियों में से किसकी क्या भूमिका थी। इसके साथ ही, जांच में सामने आए पैसों के लेन-देन और संभावित अन्य संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल बच्चा पुलिस की सुरक्षा में है। पुलिस ने मामले को नवजात की कथित खरीद-फरोख्त और अपहरण से जुड़ा बताया है। जांच पूरी होने और अदालत में तथ्य पेश किए जाने के बाद ही आरोपियों की भूमिका और मामले की पूरी सच्चाई स्पष्ट होगी।


























