Illegal firecracker factory busted in Delhi: दिल्ली में अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में एक कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे, 600 अधबने पटाखे और करीब 34 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पाउडर बरामद किया गया। इसके अलावा पटाखे तैयार करने वाली मशीनें, खाली खोल और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान भी जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह गतिविधि रिहायशी इलाके में एक मकान की दूसरी मंजिल पर संचालित की जा रही थी। यहां कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि से आग लगने और विस्फोट जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।
गोकलपुरी में पुलिस की छापेमारी, दूसरी मंजिल पर चल रहा था काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना गोकलपुरी पुलिस को एक मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम ने कार्रवाई की और गोकलपुर गांव स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर छापा मारा। मौके पर तीन युवक मौजूद मिले, जिनकी गतिविधियां पटाखे बनाने और उन्हें जमा करने से संबंधित बताई गई हैं।
पुलिस ने जब वहां मौजूद लोगों से पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने के लिए जरूरी लाइसेंस या वैध अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद पटाखों, संदिग्ध विस्फोटक सामग्री और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को जब्त कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठते हैं। रिहायशी इमारतों में ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री जमा करना आसपास रहने वाले लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हालांकि, बरामद पाउडर की प्रकृति और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर ही की जा सकेगी।
880 तैयार पटाखे और 600 अधबने पटाखे बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में तैयार और अधबने पटाखे मिले। बरामद सामान में पांच डिब्बों में रखे 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 600 अधबने पटाखे और लगभग 34 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पाउडर भी जब्त किया गया।
पुलिस ने पटाखे बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और दूसरे उपकरणों को भी अपने कब्जे में लिया है। इनमें भराई करने वाली एक मशीन, वजन मापने की मशीन, पटाखों के खाली खोल और पैकेजिंग का सामान शामिल है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस स्तर पर पटाखे तैयार करने के लिए किया जा रहा था। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि तैयार पटाखों को कहां भेजा जाना था और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच से सामने आ सकते हैं।
गाजियाबाद के फर्रुखनगर के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मोहम्मद गोस्वामी (29), अरमान (24) और समीर (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के फर्रुखनगर के रहने वाले हैं।
तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस मामले से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मकान में पटाखे बनाने का काम कब से चल रहा था, इसके लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था और तैयार पटाखों की आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।
गोकलपुरी थाने में मामला दर्ज, पुलिस कर रही जांच
इस मामले में थाना गोकलपुरी में केस दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद सामग्री की जांच करने के साथ आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या पटाखों का निर्माण सीमित स्तर पर किया जा रहा था।
रिहायशी क्षेत्रों में विस्फोटक या ज्वलनशील सामग्री का असुरक्षित भंडारण स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी गतिविधियों से आग लगने, विस्फोट होने और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। यही वजह है कि अवैध पटाखा निर्माण और बिना अनुमति उनके भंडारण की शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।
फिलहाल गोकलपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। बरामद 880 तैयार पटाखे, 600 अधबने पटाखे, 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर और निर्माण उपकरण इस जांच के अहम साक्ष्य हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई में अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े अन्य लोगों, आपूर्ति के संभावित नेटवर्क और सामग्री के स्रोत के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है।


























