The truth about sweet shops in Bihar is exposed: बिहार में खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त रुख अपनाते जा रहा है। उपभोक्ताओं तक शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाने के मकसद से खाद्य संरक्षा इकाई की टीमों ने 7 नवंबर 2026 को एक साथ तीन जिलों—मोतिहारी, पटना और गया—में निरीक्षण अभियान चलाया।
मोतिहारी में मिठाई और बेकरी उत्पादों की बड़ी जब्ती हुई, जबकि राजधानी पटना के गोकुल प्रतिष्ठान को दस्तावेज न दिखाने पर 14 दिनों का सुधार नोटिस थमा दिया गया। गया में भी एक मिठाई की दुकान को सात दिन में खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
मोतिहारी में तीन प्रतिष्ठानों पर छापा
खाद्य संरक्षा टीम ने मोतिहारी में तीन जगहों का औचक निरीक्षण किया। इनमें पानी टंकी मेन रोड स्थित मेसर्स अन्नपूर्णा पिज्जा हट, बेलही देवी मंदिर के पास चल रही मेसर्स माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स और गाजा चौक के मेसर्स वैष्णो ट्रेडर्स शामिल हैं।
जांच के दौरान टीम ने खराब गुणवत्ता वाली कुल 3,120 किलोग्राम मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 3,62,640 रुपये बताई गई। इसमें 130 किलो खोवा (78 हजार रुपये), 2,692 किलो मिल्क केक व डोडा (2,53,200 रुपये), 94 किलो सोनपापड़ी (10,340 रुपये), 100 किलो शाही लड्डू (9 हजार रुपये), 90 किलो स्पेशल बर्फी (7,200 रुपये), 4 किलो पेड़ा (400 रुपये) और 10 किलो किशमिश (4,500 रुपये) शामिल हैं। इसके अलावा टीम ने 60 किलो बेसन, 40 किलो खोवा और 70 किलो मिल्क केक समेत कुल 170 किलोग्राम सामग्री, जिसकी कीमत 78,300 रुपये थी, को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
शुद्धता की पुष्टि के लिए खोवा, काजू, सोनपापड़ी, बर्फी, मिल्क केक और किशमिश के छह नमूने लेकर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए। साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश भी जारी हुआ।
पटना के गोकुल प्रतिष्ठान को क्यों मिला 14 दिन का सुधार नोटिस?
राजधानी में गांधी मैदान के पूर्वी हिस्से में रीजेंट सिनेमा के नजदीक स्थित मेसर्स गोकुल प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान संचालक चार जरूरी दस्तावेज—कर्मियों की चिकित्सा जांच रिपोर्ट, पेयजल की गुणवत्ता रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल जांच रिपोर्ट और FoSTaC प्रशिक्षण प्रमाणपत्र—प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके अलावा, जांच टीम ने बेसन के लड्डू का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा है। पाई गई कमियों को दूर करने के लिए प्रतिष्ठान को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, 15वें दिन तक संबंधित कार्यालय में अनुपालन का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस पहले निलंबित और बाद में रद्द किया जा सकता है।
गया: प्रहलाद स्वीट्स में मिलीं भंडारण और स्वच्छता की कमियां
गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रहलाद स्वीट्स का शनिवार को जांच टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई खामियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि कच्चे माल के भंडारण के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था नहीं थी और कच्ची सामग्री व तैयार मिठाइयां गंदगी वाले स्थान पर रखी जा रही थीं।
वहीं, कर्मचारियों द्वारा कैप और दस्ताने का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था तथा तैयार खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने की भी कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा कीट नियंत्रण, पानी की गुणवत्ता जांच और कर्मियों के चिकित्सकीय परीक्षण से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। पैकेजिंग सामग्री के फूड ग्रेड होने का प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
इन सभी कमियों को देखते हुए जांच टीम ने प्रतिष्ठान के संचालक को सात दिनों के भीतर सभी खामियों को दूर करने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही भविष्य में खाद्य सुरक्षा मानकों का नियमित रूप से पालन करने और संबंधित दस्तावेजों का रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा।
सुधार नोटिस और FoSTaC क्या होता है?
सुधार नोटिस खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा जारी एक आधिकारिक निर्देश है, जिसमें प्रतिष्ठान को तय समय में नियमों का अनुपालन करने का अवसर दिया जाता है। वहीं FoSTaC (Food Safety Training & Certification) FSSAI का प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें खाद्य व्यवसायों के सुपरवाइजरों को स्वच्छता, भंडारण और सुरक्षित तैयारी का प्रशिक्षण दिया जाता है। दोनों ही बिंदु खाद्य सुरक्षा मानकों के अनिवार्य हिस्से माने जाते हैं।
आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी संदेश
त्योहारों या किसी भी खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री हमेशा FSSAI लाइसेंस नंबर वाले प्रतिष्ठानों से ही खरीदनी चाहिए। मिठाइयों में असामान्य चमक, गंध या नमी दिखाई देने पर उन्हें खरीदने से बचना चाहिए। वहीं, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत के लिए राज्य खाद्य संरक्षा हेल्पलाइन या Food Safety Connect ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।


























