Bihar News:बिहार में खाद्य संरक्षा व्यवस्था को चौतरफा मजबूत करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सभाकक्ष में आयोजित एक समारोह में माननीय स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने 26 नवप्रशिक्षित खाद्य संरक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाणपत्र प्रदान किया। इन अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित कर दिया गया है। इस तैनाती के बाद राज्य के हर जिले में खाद्य संरक्षा अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है, जो पहले अब तक बड़े शहरों तक ही सीमित थी।
हर जिले तक पहुंचेगा खाद्य संरक्षा अभियान
समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध, ताजा और स्वास्थ्य के अनुकूल खाद्य पदार्थ मुहैया कराना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय सचिव सहित वरीय पदाधिकारियों के परामर्श से खाद्य संरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक सुनियोजित योजना पर काम चल रहा है, जिसका अहम हिस्सा नए अधिकारियों की जिला-स्तरीय तैनाती है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया कि अब तक मानवशक्ति की सीमित उपलब्धता के चलते खाद्य संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां मुख्य रूप से पटना केंद्रित रहीं, लेकिन अब परिदृश्य बदल रहा है। नए अधिकारियों के कार्यामृत होने के बाद पूरे राज्य में खाद्य संरक्षा अभियान का विस्तार किया जाएगा और यह अभियान किसी खास मौके या त्योहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल निरंतर चलेगा। निरीक्षण, नमूना जांच और उल्लंघन पर कार्रवाई — तीनों प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
चार जिलों में बनेंगी नई प्रयोगशालाएं, पटना लैब का हो रहा जीर्णोद्धार
इन्फ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से भी विभाग सक्रिय दिख रहा है। मंत्री ने जानकारी दी कि पटना स्थित खाद्य जांच प्रयोगशाला का जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। इसी के साथ भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर और पूर्णिया — चार प्रमंडलीय शहरों में नई खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन प्रयोगशालाओं के शुरू होने से नमूनों की जांच में लगने वाला समय कम होगा और विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों को नमूने लंबी दूरी तय करके पटना ले जाने की मजबूरी भी खत्म होगी।
शिकायत के लिए बनाएं विभाग से संपर्क
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी खाद्य प्रतिष्ठान, दुकान या उत्पाद में मिलावट या अनियमितता की जानकारी मिले, तो वे बिना झिझक के विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने नए अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ करें, क्योंकि उनका कार्य सीधे-सीधे करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
40 दिवसीय कठोर प्रशिक्षण
बता दें कि खाद्य संरक्षा अधिकारी के रिक्त पदों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप चयनित 26 चिकित्सकों, पदाधिकारियों और कर्मियों ने 40 दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा किया है। इस प्रशिक्षण की संरचना कुछ इस तरह रही है।
तेलंगाना स्थित डॉ. मैरी चेन्ना रेड्डी मानव संसाधन विकास संस्थान में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के 50वें प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित। पटना के शास्त्री नगर स्थित डी.एन.एस. क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में संपन्न।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यावहारिक स्तर पर कई अहम कौशल सीखे, जिनमें शामिल हैं। खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और उत्पादन मानकों के अनुपालन की जांच। दुग्ध एवं मांस प्रसंस्करण इकाइयों जैसे उच्च जोखिम वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण। खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित करने और प्रयोगशाला में जमा कराने की प्रक्रिया। खाद्य विश्लेषण रिपोर्ट को पढ़ना और समझना। मानकों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की विधि। खाद्य संरक्षण से संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों का उपयोग तथा निगरानी योजना तैयार करना
‘प्रतिष्ठानों को दें सुधार का अवसर’
समारोह में स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह खाद्य संरक्षा निदेशक कुमार रवि ने नवप्रशिक्षित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता से निभाएं। उन्होंने निरीक्षण की प्रक्रिया को संतुलित रखने पर बल दिया — अधिकारियों का काम सिर्फ दोष निकालना नहीं, बल्कि प्रतिष्ठानों को मानकों के प्रति जागरूक करना और जहां आवश्यकता हो, निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार का अवसर देना भी है।
रवि ने कहा कि खाद्य संरक्षण का विषय सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी को लगातार अद्यतन रखना होगा। उन्हें खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त रसायनों और उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों की भी गहरी समझ होनी चाहिए। साथ ही उन्हें जिले में वरीय पदाधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने का परामर्श दिया।
प्रवर्तन अभियान जारी, उल्लंघन पर हो रही कार्रवाई
विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई अलग-अलग जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और छापेमारी लगातार कर रही है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अब नए अधिकारियों के आने से जिला स्तर पर गुणवत्ता निगरानी और प्रवर्तन कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
प्रमाणपत्र वितरण समारोह में अपर सचिव धनंजय कुमार, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी, राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक श्री वैभव चौधरी, स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी सुरेंद्र राय सहित अन्य वरीय पदाधिकारी और नवप्रशिक्षित खाद्य संरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

























