Fire at Delhi’s Gaffar Market: दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में गुरुवार देर रात भीषण आग लग गई। आग चार मंजिला कमर्शियल इमारत पुरी प्लाजा की एक दुकान से शुरू हुई और इमारत की दूसरी मंजिलों तक फैल गई। दमकल विभाग की 22 गाड़ियों समेत कई आपातकालीन वाहन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रात करीब 1:30 बजे मिली आग की सूचना
दिल्ली के व्यस्त बाजारों में शामिल गफ्फार मार्केट की ‘चेन वाली गली’ में आग लगने की सूचना गुरुवार देर रात मिली। पुलिस के अनुसार, करोल बाग थाने को रात 1:28 बजे PCR कॉल आई थी। कॉल में 13 ब्लॉक की एक इमारत में आग लगने की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही करोल बाग थाने के एसएचओ और नाइट स्टाफ मौके पर पहुंचे।
आग पुरी प्लाजा नाम की चार मंजिला व्यावसायिक इमारत की दुकान नंबर 13/21 में लगी थी। यह दुकान मोबाइल एक्सेसरीज के कारोबार से जुड़ी बताई गई है। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की कई गाड़ियां रवाना की गईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए 22 दमकल वाहन तैनात किए गए। घटनास्थल पर अतिरिक्त पानी के टैंकर और रोशनी की व्यवस्था भी भेजी गई।
मोबाइल बैटरियों से आग फैलने की आशंका
शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद एक दुकान से शुरू हुई, जहां मोबाइल फोन की बैटरियां रखी थीं। आशंका जताई गई कि बैटरियों के गर्म होने या ओवरचार्ज होने से आग लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
बताया गया कि आग ग्राउंड फ्लोर की एक या दो दुकानों से शुरू होकर ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। इमारत में मोबाइल एक्सेसरीज के अलावा क्रॉकरी की दुकानें भी थीं। आग तेजी से फैलने और इमारत में धुआं भरने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर काम करने में कठिनाई हुई।
इमारत में वेंटिलेशन की कमी, तापमान बहुत अधिक
घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर एम.के. चट्टोपाध्याय ने बताया कि इमारत से लगातार धुआं निकल रहा था और अंदर तापमान काफी अधिक था। उनके मुताबिक, इमारत में हवा के आने-जाने की उचित व्यवस्था नहीं है। वहां केवल एक सीढ़ी है और हर मंजिल पर लगभग 14 से 15 दुकानें हैं। इन परिस्थितियों में आग बुझाने और अंदर तक पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने में दमकलकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
फायर अधिकारी ने बताया कि उन्हें रात लगभग 1:30 बजे आग की सूचना मिली थी। इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन ऊपरी मंजिलें हैं। शुरुआती आकलन में बेसमेंट सुरक्षित बताया गया। अधिकारी ने कहा कि आग बुझाने का काम जारी था और उस समय अनुमान था कि अभियान पूरा करने में दो से तीन घंटे लग सकते हैं। आग बुझने के बाद इमारत में तलाशी अभियान चलाया जाना था।
एंबुलेंस और पुलिस की टीमें भी मौके पर
आग की घटना के बाद दमकलकर्मियों के साथ पुलिस और चिकित्सा सहायता दल भी तैनात किए गए। घटनास्थल पर लगभग 20 से 25 फायर टेंडर पहुंचने की जानकारी दी गई। इसके अलावा तीन CAT एंबुलेंस और दो PCR वाहन भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखी और बचाव तथा दमकल अभियान के लिए आवश्यक जगह खाली कराई।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं मिली है। प्रारंभिक तौर पर नुकसान संपत्ति तक सीमित बताया गया। हालांकि, आग के बाद इमारत में तलाशी और सुरक्षा जांच की आवश्यकता होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो और भवन का ढांचा सुरक्षित है।
आग के कारण और इमारत की सुरक्षा की होगी जांच
पुलिस ने बताया कि आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने के लिए फायर विभाग और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। बैटरियों के ओवरहीट या ओवरचार्ज होने की आशंका की भी जांच की जाएगी। साथ ही, इमारत में किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी और आग फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम जांच करेगी।
भवन की स्थिति का आकलन करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) से स्ट्रक्चरल सेफ्टी असेसमेंट या प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और सुरक्षा आकलन के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। आग बुझ जाने के बाद भी इमारत में धुआं और गर्मी बने रहने की आशंका के कारण निरीक्षण सावधानी से किया जाएगा।

























