भाजपा की पांच नियुक्तियों पर राज ठाकरे ने उठाए सवाल

Raj Thackeray takes aim at the BJP: गोकुल दूध संघ चुनाव पर सियासत गरमाई! मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक्स पर भाजपा को बताया "समझदारी के सूखे" से गुजर रहा संगठन। पूरा पोस्ट यहां।

सत्ता में बैठकर 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च? राज ठाकरे भड़के

HIGHLIGHTS

  • अब 'अर्थव्यवस्था बचाओ मार्च' भी? राज ठाकरे का चुटीला तंज
  • गुप्त मतदान से जीत, फिर हथकंडा क्यों? राज ठाकरे सवाल
  • जनता का झुकाव विपक्ष की ओर: राज ठाकरे की चेतावनी
  • ओछे खेल बंद करो: राज ठाकरे की भाजपा को फटकार

Raj Thackeray takes aim at the BJP: महाराष्ट्र की सियासत में गोकुल दूध संघ के चुनाव ने वह आग लगा दी है, जो अब सड़कों तक पहुंच चुकी है। मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भाजपा को खुलकर निशाना बनाते हुए लिखा कि सत्ता के शिखर पर काबिज एक पार्टी खुद लोकतंत्र “बचाने” के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है — और ऐसा नजारा शायद ही दुनिया के किसी कोने में देखने को मिले।

एक्स पर क्या लिखा मनसे प्रमुख?

राज ठाकरे ने अपने वायरल पोस्ट में भाजपा को “अजीबोगरीब संगठन” करार देते हुए कहा कि जो दल गांव के रेती से लेकर दिल्ली की सत्ता तक पूरी तरह स्थापित है, वही आज “लोकतंत्र बचाओ” की मांग के साथ रैलियां और मार्च निकाल रहा है। उन्होंने तंज कसा कि सत्ताधारी पार्टी का विपक्ष के खिलाफ सड़क पर उतरना लोकतंत्र की सबसे बड़ी परिभाषा-विडंबना है।

वह जीत जिसने खलबली मचा दी

इस पूरे विवाद की जड़ है कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल का निदेशक मंडल चुनाव। सतेज (सत्यजित) पाटिल की अगुवाई वाले पैनल ने भाजपा-समर्थित पैनल के खिलाफ 13 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में मतदान करीब 82 प्रतिशत दर्ज हुआ, जो संघ के इतिहास में अभूतपूर्व माना जा रहा है।

राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि नतीजे आते ही भाजपा ने सरकारी यंत्र का इस्तेमाल करते हुए त्वरित गति से पांच अतिरिक्त निदेशक नियुक्त कर दिए और उन्हें मतदान का अधिकार भी दे दिया। उन्होंने पूछा है कि गुप्त मतदान से चुने गए सदस्यों की जीत के बाद यह हथकंडा अपनाकर भाजपा आखिर क्या साबित करना चाहती है?

“महाराष्ट्र में पानी का सूखा, भाजपा में समझदारी का”

मनसे प्रमुख ने अपनी खास कटाक्ष शैली में लिखा कि जिस वक्त महाराष्ट्र जलसंकट और भीषण सूखे से जूझ रहा है, उसी दौर में भाजपा “समझदारी के सूखे” से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि गोकुल में सत्ता हाथ से निकलते ही पार्टी ने अपने सारे उसूल ताक पर रख दिए, फिर भी उसमें “लोकतंत्र बचाने” के लिए धरने-प्रदर्शन करने की हिम्मत है।

“वे खुद लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं”

राज ठाकरे ने भाजपा की आंदोलनकारी रणनीति पर बिना लगाम के प्रहार किया। उन्होंने लिखा है कि जब कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, तो यह पार्टी “देश को बचाओ” के नाम पर मार्च निकालती है। अब जब अर्थव्यवस्था दबाव में है, तो आने वाले दिनों में “अर्थव्यवस्था बचाओ मार्च” भी देखने को मिल सकता है। सत्ता में रहते हुए प्रदर्शन करने वाली पार्टी व्यवहार में खुद लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंट रही है।

राज ठाकरे ने भाजपा से आग्रह किया कि वह “हताशा भरे और ओछे खेल” खेलना बंद करे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने पिछले 12 वर्षों में भाजपा के शासन को किसी भी स्थिति में झेला है, लेकिन अब जब जनता का मिजाज विपक्ष की ओर मुड़ चुका है, तो इस हकीकत को स्वीकार करना सीखना ही होगा।

क्यों गरमाई है गोकुल की सियासत?

गोकुल दूध संघ सिर्फ एक सहकारी संस्था नहीं, बल्कि पश्चिम महाराष्ट्र की दो हजार करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली आर्थिक ताकत और लाखों दूध उत्पादकों का नेटवर्क है। इसीलिए इसकी निदेशक मंडल चुनाव हर प्रमुख पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन जाता है। नतीजों के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रशासक से मुलाकात और मुंबई-कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शनों की लड़ी भड़की, जिस पर राज ठाकरे की यह प्रतिक्रिया मानी जा रही है। सियासी जानकारों का मानना है कि पिछले महीनों में सहकारी बैंक चुनावों में भाजपा को झटके मिले थे, और गोकुल की हार के बाद पार्टी संस्थागत कब्जे बचाने के लिए बेचैन है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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