Delhi News:दिल्ली के भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस आयोजित हुई। कार्यक्रम में करीब 80 बाल विज्ञान टीमों ने पर्यावरण, सामाजिक चुनौतियों और रोजमर्रा की समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिला स्तरीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। इस आयोजन में विभिन्न विद्यालयों की लगभग 80 बाल विज्ञान टीमों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट और शोध कार्यों के जरिए वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार का परिचय दिया।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर आसपास की समस्याओं को देखने, सवाल पूछने और उनके समाधान खोजने का अवसर देती है। इस आयोजन में भी प्रतिभागियों ने अपने परिवेश से जुड़े मुद्दों पर काम किया और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार किए गए विचार व समाधान विशेषज्ञों के सामने रखे।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का शुभारंभ भास्कराचार्य कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अवनीश मित्तल ने दिल्ली विश्वविद्यालय की राज्य समन्वयक डॉ. अनुपमा यादव के स्वागत के साथ किया। इस अवसर पर प्रो. मित्तल ने विद्यार्थियों से संवाद किया और कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों तथा सुविधाओं की जानकारी दी।
प्रो. मित्तल ने विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान का उद्देश्य केवल सिद्धांतों को पढ़ना नहीं, बल्कि जिज्ञासा के साथ सवाल करना और प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना भी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ रचनात्मक लेखन और शोध कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। विद्यार्थियों की यह तैयारी आगे चलकर देश में वैज्ञानिक चेतना को मजबूत करने में योगदान दे सकती है।
पर्यावरण और सामाजिक समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट
जिला स्तरीय विज्ञान कांग्रेस में विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने अपने विज्ञान आधारित प्रोजेक्ट और शोध कार्य प्रस्तुत किए। उनके विषयों में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समस्याएं और दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियां शामिल थीं। विद्यार्थियों ने इन मुद्दों का अध्ययन कर अपने निष्कर्ष और संभावित समाधान साझा किए।
प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विचारों को समझाने और शोध के पीछे की प्रक्रिया बताने का प्रयास किया। शिक्षकों ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की खोजपरक सोच और मेहनत आने वाले समय में उन्हें विज्ञान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं ने प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों को सुधार तथा आगे के शोध के लिए सुझाव दिए।
आयोजन में कॉलेज टीम की अहम भूमिका
कार्यक्रम का संपूर्ण समन्वय डॉ. संयम गुप्ता ने किया। कॉलेज की ओर से प्रो. उमा चौधरी और डॉ. नीरू शर्मा ने कॉलेज समन्वयक के रूप में आयोजन की तैयारियों और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज प्रशासन और टीम के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं का संचालन किया गया।
डॉ. अनुपमा यादव ने कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों, मूल्यांकनकर्ताओं, शिक्षकों, जिला समन्वयकों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज के प्राचार्य प्रो. अवनीश मित्तल, प्रो. उमा चौधरी, डॉ. नीरू शर्मा और कॉलेज प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के सहयोग और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अहम योगदान दिया।
विद्यार्थियों के लिए शोध और समस्या समाधान का मंच
डॉ. अनुपमा यादव ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की प्रवृत्ति, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं को वैज्ञानिक नजरिए से समझने और उनके समाधान तलाशने का अवसर देते हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिला स्तरीय विज्ञान कांग्रेस में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनकी रुचि को दर्शाया। करीब 80 टीमों की प्रस्तुतियों ने यह भी दिखाया कि कम उम्र से ही बच्चों में अपने परिवेश को समझने और उसमें सुधार के तरीके खोजने की क्षमता विकसित की जा सकती है। कार्यक्रम का समापन आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ।
























