Amit Shah’s sharp attack in Karnal rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करनाल में भाजपा की पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, आरक्षण हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि संसद में चर्चा करने के बजाय कांग्रेस हंगामा और बहिष्कार का रास्ता अपना रही है। उन्होंने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा है कि राहुल गांधी का सड़कों पर उतरना आपके लिए अच्छा नहीं होगा।
करनाल में हुई पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा नेता स्मृति ईरानी और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हुए। अमित शाह ने अपने भाषण में दावा किया कि भाजपा की रैली को देशभर में समर्थन मिला है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और विरोध-प्रदर्शनों के जरिए अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चला भाजपा का अभियान
अमित शाह ने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, आरक्षण हटाओ’ अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में आयोजित किया गया। उनके मुताबिक, पार्टी मुख्यालयों पर हुई रैलियों में एक जैसा उत्साह और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सड़कों पर भाजपा को लोगों का समर्थन मिला है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए हैं और इसके बाद कांग्रेस को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उनके भाषण का मुख्य संदेश यह था कि विपक्ष को संसद में बहस और चर्चा के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए, न कि सदन की कार्यवाही रोककर या सड़कों पर भीड़ जुटाकर।
“संसद चर्चा का सबसे बड़ा मंच है”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में संसद विचार-विमर्श का सबसे बड़ा मंच है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब संसद में राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है, तो फिर सदन को चलने क्यों नहीं दिया जाता। शाह ने आरोप लगाया कि संसद में हंगामा और बहिष्कार कांग्रेस की राजनीतिक शैली बन गई है।
अमित शाह ने आगे कहा कि भाजपा संसद, विधानसभाओं, गांवों, खेतों और सड़कों—हर जगह कांग्रेस का जवाब देगी। उनके मुताबिक, अगर कांग्रेस भीड़ जुटाकर विरोध जारी रखती है, तो भाजपा कार्यकर्ता भी उसका राजनीतिक जवाब देने के लिए मौजूद रहेंगे। शाह ने इसे विपक्ष के आंदोलनों के प्रति भाजपा की प्रतिक्रिया के रूप में पेश किया।
राहुल गांधी को दी सड़क पर उतरने को लेकर चेतावनी
अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि देश के 600 जिलों में आयोजित रैली के जरिए भाजपा ने राहुल गांधी को जवाब दिया है और मैं साफ-साफ कह दूं—राहुल गांधी का सड़कों पर उतरना आपके लिए अच्छा नहीं होगा। इसके बाद शाह ने कांग्रेस को सलाह दी कि वह अपनी बात संसद में रखे और वहां चर्चा करे।
अमित शाह ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए संसद उचित मंच है। उन्होंने कांग्रेस पर संसद, लोकसभा अध्यक्ष और अदालतों का अपमान करने का आरोप लगाया। अमित शाह के अनुसार, लोकतंत्र की बात करने वाली पार्टी को पहले लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।
रेफरी और कबड्डी का उदाहरण देकर कांग्रेस पर तंज
भाषण के दौरान अमित शाह ने कबड्डी के खेल से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया और कहा कि बचपन में उनकी सातवीं कक्षा की टीम कबड्डी में लगातार जीतती थी। इसके बाद नौवीं कक्षा की टीम ने बैठक की और जीतने वाली छोटी कक्षा की टीम को चुनौती देने के बजाय रेफरी को ‘चीटर’ कहने की रणनीति बनाई।
अमित शाह ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि शायद राहुल गांधी ने भी ऐसे छात्रों की बात सुन ली है। उनका इशारा कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया या संस्थाओं पर उठाए जाने वाले सवालों की तरफ था। हालांकि, यह उदाहरण अमित शाह के भाषण का हिस्सा था और उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत किया।



























