हैदराबाद से अमित शाह की हुंकार, राहुल पर सीधा वार

Amit Shah's Hyderabad speech: हैदराबाद में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' मार्च के बाद अमित शाह ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। नकली संसद, वोट चोरी, SIR और ईवीएम पर गृह मंत्री के बड़े बयान।

अमित शाह का राहुल गांधी पर सबसे बड़ा हमला

HIGHLIGHTS

  • नकली संसद में PM, असली में नहीं: अमित शाह
  • राहुल गांधी को अमित शाह ने क्यों ललकारा?
  • राहुल के PM बनने पर अमित शाह का बड़ा तंज
  • घुसपैठियों को बचा रही कांग्रेस? शाह का बड़ा आरोप

Amit Shah’s Hyderabad speech:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने भले ही ‘नकली संसद’ चला ली, लेकिन असली संसद में वे कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। शाह ने स्थानीय नेताओं के साथ तेलंगाना से कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प भी दोहराया।

हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च के बाद मेगा रैली

तेलंगाना की सियासत में पारा गर्म है। दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली और राहुल गांधी की ‘मॉक पार्लियामेंट’ के जवाब में भाजपा ने शनिवार को हैदराबाद से जवाबी अभियान शुरू किया। अमित शाह हैदराबाद भाषण में बोले कि आज हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश से साफ है कि अगले चुनाव में तेलंगाना की जनता भी बदलाव चाहती है। यह आयोजन 2028 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।

राहुल गांधी ‘नकली संसद’ में पीएम, असली संसद में कभी नहीं

अमित शाह ने राहुल गांधी पर सबसे तीखा तंज इसी मुद्दे पर कसा। उन्होंने कहा है कि आपने दो दिन पहले एक नकली संसद आयोजित की। अगर आपने मुझसे पूछा होता, तो मैं कहता— नकली संसद में ‘विपक्ष के नेता’ बनने की बजाय सीधे प्रधानमंत्री बन जाते। असली संसद में आप कभी PM नहीं बन पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर हार के बाद अराजकता फैलाकर नफरत की राजनीति करती है, जबकि जनता विकास और भरोसे के मुद्दों पर वोट देती है।

एनपीआर और एसआईआर पर हमला

अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली को लेकर बड़ा दावा किया कि वह ‘वोट बचाओ’ की नहीं, बल्कि ‘घुसपैठियों को बचाओ’ की रैली थी। उन्होंने कहा है कि एनपीआर का विरोध करके कांग्रेस बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में बरकरार रखना चाहती है। भाजपा तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक एक-एक घुसपैठिये को मतदाता सूची और देश से बाहर नहीं निकाला जाता।

एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) पर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए शाह ने पूछा कि जब मोदी जी 2014 में जीते, तब कोई एसआईआर नहीं था— क्या तब भी ईवीएम दोषी थी?

संसद के विशेष सत्र की चुनौती और ईवीएम पर कांग्रेस को जवाब

हैदराबाद की धरती से शाह ने विपक्ष को संसद के विशेष सत्र में बहस की चुनौती दी और कहा कि विपक्श वहां नहीं आएगा, क्योंकि वह जानता है कि पीएम मोदी उसके तर्कों को पूरी तरह ध्वस्त कर देंगे। ईवीएम पर सवाल उठाने पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा है कि अगर ईवीएम में दोष होता तो रेवंत रेड्डी तेलंगाना में कैसे जीतते और केरल, तमिलनाडु, हिमाचल में कांग्रेस की सरकारें कैसे बनतीं? “अगर ईवीएम खराब है, तो आपको पद की शपथ भी नहीं लेनी चाहिए थी,” उन्होंने तंज कसा।

सरदार पटेल-निजाम का जिक्र

हैदराबाद की जनसभा में अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि अगर पटेल निजाम को झुकने के लिए मजबूर न करते, तो हैदराबाद— और नतीजतन तेलंगाना— आज भारत का हिस्सा नहीं होता। कांग्रेस पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह पटेल की विरासत को हमेशा कम करके आंकती रही है।

अमित शाह ने 2024 के बाद की भाजपा की जीतों की गिनती कराई— महाराष्ट्र में जीत, हरियाणा में भारी बहुमत, लगभग तीन दशक बाद दिल्ली में सरकार, बिहार में जनादेश और असम में लगातार तीसरी जीत। उन्होंने कहा कि भाजपा अब बंगाल और तेलंगाना में सरकार बनाने के लिए तैयार है। कांग्रेस ने जवाब दिया है कि वह यह लड़ाई संसद और सड़क— दोनों जगह लड़ेगी। राजनीतिक पंडित मान रहे हैं कि राहुल गांधी की ‘वोट चोरी’ कैंपेनिंग और शाह के जवाबी दौरे के साथ ही तेलंगाना में कांग्रेस बनाम भाजपा की सीधी लड़ाई शुरू हो चुकी है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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