धमतरी में तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें शुरू की गई हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में धमतरी एआई मिशन, एआई संगवारी और प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी का शुभारंभ किया गया। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। करीब चार घंटे चली बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचने की स्थिति की समीक्षा की गई।
सांसद ने अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय में पूरा करने, जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा
दिशा समिति की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और जिले में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेना है। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागों को जवाबदेही और आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए।
समीक्षा के दौरान कुछ निर्माण कार्यों में देरी की बात सामने आई। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से काम की समय-सीमा तय कर उसे पूरा कराने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों की ओर से मिलने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि उनका समय पर निराकरण किया जाए। योजनाओं को प्रभावी बनाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम है, इसलिए उनके सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार करने की जरूरत बताई गई।
वन स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण की उम्मीद
बैठक में सड़क निर्माण से जुड़ा एक मामला भी उठा। वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण संबंधित सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था। चर्चा के बाद स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई, जिससे अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों को ऐसे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने और किसी भी बाधा को समय रहते दूर करने के लिए कहा गया।
समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया। भूजल स्तर सुधारने के लिए सोख्ता पीठ बनाने और वर्षा जल के पुनर्भरण जैसे उपायों को अपनाने की बात कही गई। बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि जल संरक्षण के उपाय स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू किए जाएं, ताकि पेयजल व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सके।
धमतरी एआई मिशन और एआई संगवारी क्या हैं?
बैठक में शुरू किया गया धमतरी एआई मिशन जिले में तकनीक के उपयोग को जनसेवाओं से जोड़ने की पहल है। इसके साथ एआई संगवारी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों को ओपीडी से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराना है। इस पहल के जरिए मरीजों को अस्पताल में जरूरी जानकारी और सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं की आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी का भी शुभारंभ किया गया। इन पहलों का व्यापक लक्ष्य तकनीक को लोगों की जरूरतों के अनुरूप उपयोग में लाना और महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाना है। बैठक में आंगनबाड़ियों से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल का भी उल्लेख किया गया।
100 संकुलों में महिला समूहों के लिए बकरी पालन परियोजना
धमतरी और वीबी-जी राम जी योजना के अभिसरण से 100 संकुलों में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को बकरी पालन से जोड़ने वाली परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत ऊंचे फर्श और सौर ऊर्जा सुविधा वाले बकरी शेड तैयार किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
बकरी पालन जैसी गतिविधियां महिला समूहों के लिए नियमित आय का साधन बन सकती हैं। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समूहों को जरूरी मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
बच्चों के टीकाकरण, पोषण और किसानों पर निर्देश
स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग को बच्चों के संपूर्ण टीकाकरण के लिए आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा के साथ आयुष्मान भारत और वय वंदना कार्ड के लाभार्थियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों से कहा गया कि पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
बैठक में दिए गए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य योजनाओं को कागजों से आगे बढ़ाकर लोगों तक पहुंचाना है। धमतरी एआई मिशन, एआई संगवारी और महिला आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उनका लाभ जरूरतमंदों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है। बैठक में विभागों से नियमित निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई और जनता को योजनाओं की जानकारी देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।



























