कोटा के नेशनल हाईवे-27 पर हुए एक सड़क हादसे ने तेज रफ्तार के खतरे को फिर सामने ला दिया। ताठेड़ डिपो के पास ईको कार की टक्कर से बाइक सवार पिता-बेटी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उसी रास्ते से गुजर रहे राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने घायलों को देखकर अपना काफिला रुकवाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने पिता को मृत घोषित कर दिया। घायल बेटी का इलाज जारी है।
यह हादसा कैथून थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस के अनुसार, रामराजपुरा निवासी बनवारीलाल मीणा अपनी बेटी सिमरन मीणा के साथ किसी काम से ताठेड़ आए थे। काम पूरा होने के बाद दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई एक ईको कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बनवारीलाल और सिमरन उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को देखकर मंत्री ने रुकवाया काफिला
हादसे के समय ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर पंचायत चुनाव के सिलसिले में जनसंपर्क कार्यक्रम के लिए उसी मार्ग से गुजर रहे थे। सड़क पर घायल पिता-पुत्री को देखकर उन्होंने तुरंत अपने काफिले को रुकवाया। मंत्री खुद घायलों के पास पहुंचे और मदद के लिए जरूरी कदम उठाए।
घायल सिमरन की हालत को देखते हुए उसे मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी से अस्पताल भेजा गया। इसके बाद मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस से बनवारीलाल को भी कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बनवारीलाल को मृत घोषित कर दिया। सिमरन का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर रामराजपुरा पहुंचते ही परिवार और गांव में शोक छा गया। पिता की मौत और बेटी के घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। इस घटना में भी पीछे से आ रही कार की टक्कर के बाद बाइक सवारों को संभलने का मौका नहीं मिला।
ईको कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज
कैथून थाने के एएसआई हीरालाल पूनिया के मुताबिक, मृतक बनवारीलाल के भाई सत्यप्रकाश मीणा की रिपोर्ट पर ईको कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।


























