उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। दशहरे के मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों पर लिखा है—‘जो पीड़ित है, वो PDA है।’ अखिलेश यादव का कहना है कि इनके जरिए गांवों और शहरों तक सपा का राजनीतिक संदेश और विचारधारा पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दशहरे को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए कहा कि बुराई को हराना जरूरी है। अखिलेश के मुताबिक, “असली महाभारत यूपी से होने जा रहा है, शुरुआत यहीं से हो।” उन्होंने लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और बुराइयों के खिलाफ संकल्प लेने की अपील की।
अखिलेश यादव ने बीजेपी के AI वीडियो पर जताई नाराजगी
सपा प्रमुख ने भाजपा की ओर से जारी उस AI वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्हें रावण के रूप में दिखाया गया था। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने सुबह उनका रावण के रूप वाला वीडियो जारी किया और लोगों को पता है कि ऐसे वीडियो कहां बनते हैं और कौन बनाता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि AI का उपयोग समाज के बड़े भले के लिए होना चाहिए, न कि बुराई फैलाने के लिए। उनका आरोप था कि भाजपा तकनीक का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश और विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है।
AI से बने राजनीतिक वीडियो और तस्वीरें चुनावी प्रचार में चर्चा का विषय बनते रहे हैं। ऐसे कंटेंट को लेकर यह सवाल भी उठता है कि दर्शकों को कैसे बताया जाए कि कोई वीडियो वास्तविक है या कृत्रिम रूप से तैयार किया गया है। हालांकि, इस मामले में अखिलेश यादव ने भाजपा के वीडियो पर अपनी आपत्ति और राजनीतिक प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
‘समाजवाद ही रामराज है’: दशहरे पर अखिलेश का संदेश
दशहरे के संदर्भ में अखिलेश यादव ने भगवान श्रीराम और रामराज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने रामराज का रास्ता दिखाया था और सपा अक्सर कहती है कि समाजवाद ही रामराज है तथा रामराज ही समाजवाद है।
उन्होंने सनातन परंपरा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जो लोग अच्छाई और जनकल्याण में विश्वास रखते हैं, वही सच्चे सनातनी हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बुराई फैलाने वाले लोग सनातन की भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उनके ये बयान दशहरे के धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ को राजनीतिक संदेश से जोड़ते हैं।
GDP, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने आर्थिक मुद्दों को लेकर भी बीजेपी सरकार की आलोचना की। उन्होंने GDP, महंगाई और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के नेता इन सवालों का जवाब नहीं दे सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि उन्हें GDP की समझ नहीं है।
अखिलेश ने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी लोगों के लिए गंभीर मुद्दे हैं। उनके मुताबिक, कई विकसित देशों में इन समस्याओं को लेकर आंदोलन हुए हैं, जबकि भारत में लोग लोकतंत्र और वोट की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। ये आरोप सपा अध्यक्ष ने राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान लगाए; सरकार की ओर से इन बयानों पर प्रतिक्रिया इस कार्यक्रम के विवरण में शामिल नहीं है।
PDA नारे के साथ 2027 की तैयारी
सपा के प्रचार वाहनों पर लिखा ‘जो पीड़ित है, वो PDA है’ पार्टी के प्रचार अभियान का प्रमुख संदेश है। PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से है। सपा इस नारे के जरिए वंचित और पीड़ित तबकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
पार्टी के मुताबिक, प्रचार वाहन प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में जाकर उसकी नीतियों, विचारधारा और राजनीतिक संदेश को लोगों तक पहुंचाएंगे। दशहरे पर वाहनों को रवाना करना सपा की आगामी चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। अखिलेश यादव के बयानों में बीजेपी के AI वीडियो का विरोध, PDA का संदेश और महंगाई-बेरोजगारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
राजनीतिक प्रचार में AI का बढ़ता इस्तेमाल
बीजेपी के AI वीडियो पर अखिलेश यादव की नाराजगी ने चुनावी प्रचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को फिर चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक दल डिजिटल माध्यमों से अपने समर्थकों तक संदेश पहुंचा रहे हैं, लेकिन AI से तैयार सामग्री की सत्यता और उसके उद्देश्य को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
अखिलेश यादव ने इस तकनीक के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए इसे जनहित में लगाने की बात कही। वहीं, सपा ने अपने प्रचार वाहनों के जरिए प्रदेश में PDA और पार्टी की विचारधारा को प्रमुखता से उठाने की तैयारी की है। दशहरे के मंच से दिए गए उनके संदेश में धार्मिक प्रतीकों, आर्थिक मुद्दों और आगामी चुनावी रणनीति—तीनों की झलक दिखाई दी।


























