Delhi sewer overflow news: दिल्ली में दिवाली का त्योहार नजदीक है। एक तरफ लोग अपने घरों की साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में रहने वाले परिवार सीवर के गंदे पानी और बदबू के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। यहां सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। लोगों का आरोप है कि पिछले करीब तीन महीनों से शिकायतों और परेशानियों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
मोहन गार्डन के प्लांट नंबर A-1, A-2 और एक्सटेंशन स्थित गुरुद्वारा गली नंबर 1 एवं 2 में सीवर का गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा है। जगह-जगह फैला बदबूदार पानी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने, बच्चों को स्कूल भेजने और जरूरी घरेलू काम निपटाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गंदगी के बीच मनानी पड़ेगी खुशियां?
दिवाली ऐसा त्योहार है, जिसका इंतजार हर परिवार पूरे साल करता है। लोग चाहते हैं कि त्योहार के मौके पर उनका घर और आसपास का वातावरण साफ-सुथरा रहे। लेकिन मोहन गार्डन की इन गलियों में रहने वाले परिवारों के लिए इस बार दिवाली की तैयारियों से ज्यादा बड़ी चिंता सीवर का गंदा पानी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गलियों में जमा गंदा पानी और उससे उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण घरों के दरवाजे और खिड़कियां खोलना तक मुश्किल हो रहा है। त्योहार के दौरान रिश्तेदारों और मेहमानों का घर आना-जाना भी प्रभावित हो सकता है।
लोगों का सवाल है कि जब राजधानी के एक रिहायशी इलाके में तीन महीने से सीवर की समस्या बनी हुई है, तो आखिर संबंधित विभाग की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही? क्या आम जनता को त्योहार के समय भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ेगा?
आखिर कब होगा सीवर समस्या का स्थायी समाधान?
सीवर व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और दिल्ली जल बोर्ड की है। ऐसे में स्थानीय निवासियों की मांग है कि विभाग के अधिकारी केवल अस्थायी सफाई या खानापूर्ति तक सीमित न रहें, बल्कि समस्या की वास्तविक वजह का पता लगाकर स्थायी समाधान करें।
लोगों का कहना है कि यदि सीवर लाइन में तकनीकी खराबी, क्षमता से अधिक दबाव या किसी अन्य कारण से बार-बार ओवरफ्लो हो रहा है, तो उसकी जांच कराकर जरूरी मरम्मत कराई जानी चाहिए।
तीन महीने से लगातार बनी इस समस्या के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मोहन गार्डन के निवासियों को राहत कब मिलेगी? क्या दिवाली से पहले दिल्ली जल बोर्ड की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या लोगों को इसी गंदगी के बीच त्योहार मनाना पड़ेगा?
3 नवंबर से सरकारी छुट्टियों की आशंका ने बढ़ाई लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों की परेशानी केवल सीवर ओवरफ्लो तक सीमित नहीं है। लोगों के बीच 3 नवंबर 2026 से सरकारी छुट्टियों और कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उन्हें आशंका है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित विभागों में कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण में और देरी हो सकती है।
निवासियों का कहना है कि त्योहार के दौरान अगर सीवर का पानी इसी तरह सड़कों पर जमा रहा, तो मजबूरी में उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करके सफाई या मरम्मत करवाने के बारे में सोचना पड़ सकता है।
लोगों का सवाल है कि जब जनता नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाती है और सरकारी सुविधाओं के लिए उम्मीद रखती है, तो फिर बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आम नागरिकों को ही आर्थिक बोझ क्यों उठाना पड़े?
नवरात्रि, करवाचौथ के बाद अब दिवाली पर भी परेशानी
स्थानीय निवासियों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि त्योहारों के दौरान लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि और करवाचौथ के समय भी इलाके की समस्याओं को लेकर उन्हें निराशा हुई और अब दिवाली के मौके पर भी सीवर का गंदा पानी उनकी परेशानी बढ़ा रहा है।
निवासियों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ लोगों का कहना है कि सरकार का होना या न होना उनके लिए एक बराबर महसूस हो रहा है, क्योंकि जब आम जनता को बुनियादी सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं तो सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहे?
हालांकि यह नाराजगी किसी राजनीतिक बयान से ज्यादा रोजमर्रा की परेशानियों से उपजी जनभावना को दर्शाती है। लोगों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक आश्वासनों से ज्यादा जमीन पर काम और समस्या का समाधान चाहिए।
गंदे पानी से स्वास्थ्य और सफाई को लेकर भी चिंता
रिहायशी गलियों में लंबे समय तक सीवर का पानी जमा रहना केवल असुविधा का विषय नहीं है। इससे आसपास के वातावरण में गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को ऐसी परिस्थितियों में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि सीवर की सफाई के साथ-साथ गलियों में जमा पानी को हटाने और पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सफाई के कुछ दिनों बाद दोबारा वही स्थिति पैदा न हो।
दिवाली से पहले दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
मोहन गार्डन के A-1, A-2 प्लांट और एक्सटेंशन की गुरुद्वारा गली नंबर 1 एवं 2 के निवासियों को अब संबंधित अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है। लोगों की मांग है कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर सीवर लाइन की जांच कराई जाए, ओवरफ्लो की समस्या दूर की जाए और सड़कों पर जमा गंदे पानी की तत्काल सफाई हो।
अब देखने वाली बात यह होगी कि दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित प्रशासन दिवाली से पहले इन परिवारों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
आखिर सवाल यही है कि क्या मोहन गार्डन के लोगों को इस दिवाली साफ गलियों और स्वच्छ वातावरण का तोहफा मिलेगा या इस बार भी उन्हें सीवर के गंदे पानी और बदबू के बीच ही त्योहार मनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?



























