मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में ध्यान, योग और प्राणायाम पर विशेष सत्र

Organization of a Transcendental Meditation session: मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में ‘तनाव से शांति की ओर’ पहल के तहत भावातीत ध्यान, योग और प्राणायाम पर परिचयात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य पर जानकारी साझा की गई।

तनाव से शांति तक: मनोविकास में ध्यान का खास सत्र

HIGHLIGHTS

  • ध्यान और प्राणायाम से शांति का संदेश पहुँचा
  • ‘तनाव से शांति’ पहल के तहत हुआ ध्यान आयोजन
  • योग, ध्यान और प्राणायाम से बेहतर मानसिक स्वास्थ्य
  • महर्षि महेश योगी के विचारों से रूबरू हुए प्रतिभागी

Organization of a Transcendental Meditation session: मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में भावातीत ध्यान, योग और प्राणायाम पर परिचयात्मक सत्र आयोजित किया। ‘तनाव से शांति की ओर’ पहल के अंतर्गत हुए इस कार्यक्रम में संस्थान के कर्मचारी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम के विद्यार्थी शामिल हुए।

सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीकों से परिचित कराना और मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में ध्यान और श्वास संबंधी अभ्यासों को दैनिक जीवन में अपनाने के संभावित तरीकों की जानकारी दी गई।

भावातीत ध्यान की तकनीक से कराया परिचय

सत्र के दौरान भावातीत ध्यान की सरल तकनीक के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों को समझाया गया कि ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आंतरिक स्थिरता और एकाग्रता विकसित करने की दिशा में उपयोगी हो सकता है। कार्यक्रम का स्वरूप परिचयात्मक था, ताकि उपस्थित लोग ध्यान की प्रक्रिया और उससे जुड़े विचारों को आसानी से समझ सकें।

योग और प्राणायाम के हिस्से में ऐसे अभ्यासों की जानकारी साझा की गई जो शारीरिक सक्रियता और मानसिक सजगता को बढ़ावा देने के लिए किए जाते हैं। योग सत्र का संचालन मुकुल त्यागी ने किया। प्रतिभागियों को अभ्यासों को सहज तरीके से समझाया गया और स्वस्थ जीवनशैली में नियमित शारीरिक गतिविधि की भूमिका पर भी बात हुई।

महर्षि महेश योगी के विचारों और अनुभवों की प्रस्तुति

कार्यक्रम में महर्षि महेश योगी के जीवन, शिक्षाओं और ध्यान संबंधी दृष्टिकोण पर आधारित एक वीडियो व्याख्यान भी दिखाया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को उनके विचारों से परिचित कराया गया, जिनमें व्यक्तिगत शांति और सामाजिक सद्भाव के बीच संबंध पर जोर दिया गया है।

भावातीत ध्यान के अनुभवों और उससे जुड़े लाभों पर केंद्रित कुछ प्रशंसापत्र भी प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य ध्यान के अभ्यास से जुड़ी व्यक्तिगत समझ और अनुभवों को प्रतिभागियों तक पहुँचाना था।

सत्र में भावातीत ध्यान शिक्षकों विजय उप्पल और पूजा वशिष्ठ ने ध्यान से संबंधित जानकारी साझा की। स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से अभिलाषा नंदल और आलोक शर्मा भी उपस्थित रहे।

दिव्यांग व्यक्तियों और परिवारों के साथ काम करता है संस्थान

मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी एक समावेशी शैक्षणिक और पुनर्वास संस्थान है। यह बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगताओं से जुड़े व्यक्तियों और उनके परिवारों की शिक्षा, सहयोग और सशक्तीकरण के लिए काम करता है। ऐसे संस्थान के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए आयोजित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम ने तनाव प्रबंधन और व्यक्तिगत कल्याण पर केंद्रित चर्चा का अवसर दिया।

‘तनाव से शांति की ओर’ पहल के तहत आयोजित यह सत्र केवल ध्यान की तकनीक का परिचय देने तक सीमित नहीं रहा। इसमें मानसिक स्वास्थ्य को रोजमर्रा के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने और तनाव को संभालने के लिए व्यावहारिक विकल्पों पर ध्यान दिया गया। योग, प्राणायाम और ध्यान जैसे अभ्यासों को इस संदर्भ में प्रस्तुत किया गया कि व्यक्ति अपनी दिनचर्या में ऐसे तरीकों के लिए समय निकालकर अपने कल्याण पर ध्यान दे सकता है।

आंतरिक शांति से सामाजिक सद्भाव का संदेश

यह पहल महर्षि महेश योगी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है जिसमें व्यक्ति के भीतर शांति और संतुलन विकसित करने को व्यापक सामाजिक सद्भाव से जोड़ा गया है। इस विचार के अनुसार, आंतरिक शांति का अनुभव व्यक्ति को अपने जीवन और समुदाय में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित कर सकता है। भावातीत ध्यान के माध्यम से इसी संदेश को विभिन्न समुदायों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में हुआ आयोजन मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और समावेशी कल्याण पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों और विद्यार्थियों को ध्यान, योग और प्राणायाम के बारे में आधारभूत जानकारी मिली। ‘तनाव से शांति की ओर’ अभियान ऐसे ही जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत करने और अपने कल्याण के लिए उपयोगी अभ्यासों को समझने का अवसर दे रहा है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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