Amit Shah takes a dig at Congress: चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने 28 सीटों पर कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए लिखा, ‘28 में से कितनी सीटें जीतीं… 0’। इसके साथ ही उन्होंने ‘Ballot Box इस्तीफा दो’ लिखकर विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा।
अमित शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा चुके हैं। चार राज्यों में हुए इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया था। बीजेपी नेताओं ने इसी तथ्य को कांग्रेस की ईवीएम से जुड़ी मांगों और चुनावी प्रदर्शन के संदर्भ में उठाया है। हालांकि, चुनाव परिणामों की राजनीतिक व्याख्या और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े व्यापक निष्कर्ष अलग-अलग विषय हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कांग्रेस से पूछा था सवाल
अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव का उल्लेख करते हुए पूछा कि बैलेट पेपर से मतदान होने के बाद कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं।
प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। पार्टी की ओर से चुनाव परिणामों को इस बात के संदर्भ में पेश किया जा रहा है कि इन चुनावों में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से हुआ था।
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल पहले भी चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग उठाते रहे हैं। ऐसे में इन चुनावों के नतीजों ने राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा दे दिया है। बीजेपी नेताओं के बयानों का मुख्य जोर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और बैलेट पेपर से मतदान के बीच तुलना पर रहा।
चार राज्यों की 28 MLC सीटों पर हुआ मतदान
एमएलसी इलेक्शन रिजल्ट्स 2026 के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इन सीटों में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई और 28 अक्टूबर को भी कई निर्वाचन क्षेत्रों में नतीजों तथा रुझानों को लेकर अपडेट सामने आए।
राज्यवार सीटों का विवरण इस प्रकार है:
- उत्तर प्रदेश: विधान परिषद की 11 सीटें।
- बिहार: विधान परिषद की 8 सीटें।
- कर्नाटक: विधान परिषद की 4 सीटें।
- महाराष्ट्र: विधान परिषद की 5 सीटें।
इन चुनावों में आम विधानसभा चुनावों की तरह सभी सामान्य मतदाता मतदान नहीं करते। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पात्र एवं पंजीकृत मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। इसलिए इन नतीजों को समझते समय निर्वाचन क्षेत्र की प्रकृति और मतदाता समूह को ध्यान में रखना जरूरी है।
कर्नाटक में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में कर्नाटक का परिणाम कांग्रेस के लिए खास तौर पर चर्चा में रहा। यहां की चारों सीटों पर बीजेपी और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने तीन सीटें बरकरार रखीं, जबकि जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा सदस्य को हराया।
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद विधान परिषद की इन चार सीटों पर पार्टी को जीत नहीं मिली। इसी वजह से बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के संगठन और चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए। हालांकि, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को पूरे राज्य के मतदाताओं की पसंद का सीधा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
उत्तर प्रदेश और बिहार में क्या रहा चुनावी हाल?
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। 28 अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी ने कई सीटों पर सफलता हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी कुछ महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। शेष सीटों पर मतगणना जारी रहने के कारण उस समय सभी नतीजों को अंतिम नहीं माना जा सकता था।
कांग्रेस ने 28 में से कितनी सीटें जीती…”0″
Ballot Box इस्तीफ़ा दो… https://t.co/1gmrxM0GXW
— Amit Shah (@AmitShah) October 28, 2026
बिहार में भी चुनावी मुकाबला कई दलों के बीच रहा। यहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD), बीजेपी, जन सुराज पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता हासिल की। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य मदन मोहन झा को हराया। इससे राज्य में चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चा बढ़ी। महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर भी मतगणना जारी थी। ऐसे में चारों राज्यों के सभी निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम स्थिति समझने के लिए आधिकारिक नतीजों को देखना जरूरी है।
बैलेट पेपर को लेकर फिर तेज हुई राजनीतिक बहस
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने भविष्य में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की है। दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने मौजूदा विधान परिषद चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान होने के बावजूद कांग्रेस को जीत नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है।
अमित शाह का ‘Ballot Box इस्तीफा दो’ वाला बयान इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर बीजेपी का हमला और मुखर दिखाई दिया। हालांकि, इन चुनावों के परिणामों से ईवीएम या बैलेट पेपर की विश्वसनीयता के बारे में अपने आप कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकलता। इसके लिए चुनाव प्रक्रिया, मतगणना और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों का अलग से आकलन करना आवश्यक है।
























