दिल्ली पुलिस अकादमी में योग एवं भावातीत ध्यान सत्र, 253 प्रशिक्षुओं ने लिया भाग

Yoga and Transcendental Meditation sessions at the Delhi Police Academy: दिल्ली पुलिस अकादमी, वजीराबाद में तनाव से शांति की ओर पहल के तहत 253 प्रशिक्षुओं ने भावातीत ध्यान, प्राणायाम और योग सत्र में भाग लिया।

दिल्ली पुलिस अकादमी में ध्यान, योग से तनाव प्रबंधन की सीख

HIGHLIGHTS

  • तनाव से शांति की ओर, दिल्ली पुलिस अकादमी में खास पहल
  • दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षुओं को मिला ध्यान और योग का मंत्र
  • वजीराबाद पुलिस अकादमी में योग और ध्यान का विशेष आयोजन
  • पुलिस प्रशिक्षुओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनूठी पहल

Yoga and Transcendental Meditation sessions at the Delhi Police Academy: दिल्ली पुलिस अकादमी, वजीराबाद में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और तनाव प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भावातीत ध्यान, प्राणायाम एवं योग पर एक परिचयात्मक सत्र आयोजित किया गया। स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया तथा महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MUIT), नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अकादमी के 253 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन ‘तनाव से शांति की ओर’ पहल के अंतर्गत किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जीवन परिस्थितियों में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन तथा समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर विशेष जोर

पुलिस सेवा में कार्यरत कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय अनुशासन, सतर्कता और मानसिक दृढ़ता बनाए रखनी पड़ती है। प्रशिक्षण के दौरान भी शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक संतुलन का विशेष महत्व होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस सत्र में प्रशिक्षुओं को ध्यान, श्वास संबंधी अभ्यासों और योग के महत्व से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को ऐसे व्यावहारिक तरीकों की जानकारी देना था, जिन्हें वे अपने दैनिक जीवन में अपनाकर तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना करने और अपनी दिनचर्या में संतुलन बनाए रखने की दिशा में प्रयास कर सकें।

भावातीत ध्यान की प्रक्रिया और उपयोगिता की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान भावातीत ध्यान का परिचय भावातीत ध्यान शिक्षकों डॉ. मुदिता अग्रवाल और विजय उप्पल ने दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को इस ध्यान पद्धति की मूल अवधारणा, इसकी प्रक्रिया तथा दैनिक जीवन में इसके अभ्यास की उपयोगिता के बारे में बताया।

सत्र में मानसिक शांति, आंतरिक स्थिरता और समग्र कल्याण के संदर्भ में ध्यान की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षुओं को समझाया गया कि नियमित ध्यान अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से स्वयं के प्रति जागरूकता विकसित करने और व्यस्त जीवन में शांत एवं संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

इस परिचयात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को भावातीत ध्यान के सिद्धांतों को समझने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिला।

प्राणायाम और योग से शारीरिक एवं मानसिक संतुलन का संदेश

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्राणायाम और योग अभ्यास भी रहा। योग प्रशिक्षकों विवेक राठौर, एम.डी. सोहेल और तरुणा चौधरी ने इस सत्र का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को श्वास संबंधी अभ्यासों तथा योग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया।

प्रशिक्षकों ने शारीरिक सक्रियता, श्वास पर ध्यान केंद्रित करने और नियमित योगाभ्यास के महत्व को रेखांकित किया। सत्र के माध्यम से प्रशिक्षुओं को यह समझने का अवसर मिला कि योग और प्राणायाम को दैनिक जीवन में शामिल करना शारीरिक अनुशासन, मानसिक सजगता और संतुलित दिनचर्या को बढ़ावा देने का एक उपयोगी माध्यम हो सकता है।

ध्यान, प्राणायाम और योग को एक साथ प्रस्तुत करने का उद्देश्य प्रतिभागियों को समग्र स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप इन अभ्यासों को समझ सकें।

महर्षि महेश योगी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित वीडियो प्रदर्शित

कार्यक्रम के दौरान महर्षि महेश योगी के जीवन, विचारों और शिक्षाओं पर आधारित एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों को महर्षि जी के विचारों तथा ध्यान के जरिए व्यक्तिगत और सामूहिक कल्याण को बढ़ावा देने की उनकी परिकल्पना के बारे में जानने का अवसर मिला।

वीडियो प्रस्तुति ने कार्यक्रम को वैचारिक आयाम प्रदान किया और ध्यान की परंपरा, उसके मूल सिद्धांतों तथा जीवन में आंतरिक शांति के महत्व को समझने का अवसर उपलब्ध कराया।

दिल्ली पुलिस अकादमी के अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर दिल्ली पुलिस अकादमी, वजीराबाद की ओर से कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने सहभागिता की। उपस्थित अधिकारियों में इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार, इंस्पेक्टर ई. एस. यादव, इंस्पेक्टर मनोज कुमार, सब-इंस्पेक्टर अरुण कुमार, सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार, सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार, सब-इंस्पेक्टर राजीव कुमार, सब-इंस्पेक्टर सत्य ब्रह्म, सब-इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह और सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त एएसआई सुनील दत्त, एएसआई ईश्वर सिंह, महिला हेड कांस्टेबल अंशु तथा कांस्टेबल राम कृष्ण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से अभिलाषा नंदल और आलोक शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में सहयोग प्रदान किया।

‘तनाव से शांति की ओर’ पहल का उद्देश्य

‘तनाव से शांति की ओर’ पहल का व्यापक उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में आंतरिक स्थिरता बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराना है। इस पहल के अंतर्गत ध्यान, प्राणायाम और योग जैसे अभ्यासों के माध्यम से मानसिक सजगता तथा समग्र कल्याण के महत्व को सामने लाया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों के लिए यह विषय विशेष प्रासंगिकता रखता है, क्योंकि उनकी कार्यशैली में अनुशासन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूकता उनके व्यक्तिगत कल्याण के साथ-साथ बेहतर जीवनशैली विकसित करने में भी उपयोगी हो सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया और महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा का यह संयुक्त प्रयास पुलिस प्रशिक्षुओं को ध्यान, योग और प्राणायाम की उपयोगिता से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

दिल्ली पुलिस अकादमी, वजीराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर संवाद का अवसर प्रदान किया। 253 प्रशिक्षुओं की भागीदारी के साथ आयोजित इस सत्र का मुख्य संदेश यही रहा कि शारीरिक प्रशिक्षण के साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। ध्यान, योग और प्राणायाम जैसे अभ्यासों की सही जानकारी तथा नियमित दिनचर्या में उनकी उपयुक्त भूमिका को समझना व्यक्तिगत कल्याण की दिशा में सकारात्मक कदम हो सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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