Delhi news:एयर वाइस मार्शल आलोक शर्मा, वीएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) को वेटरन्स काउंसिल, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 24 अक्टूबर 2026 को वेटरन्स काउंसिल के चेयरमैन राजीव अग्निहोत्री द्वारा की गई। उनका प्रारंभिक कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। इस नियुक्ति को दिल्ली में पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधित्व, कल्याण और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वेटरन्स काउंसिल का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण, सम्मान, वैधानिक अधिकारों तथा उचित लाभों की प्राप्ति के लिए काम करना है। परिषद तीनों सेनाओं—भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना—से सेवानिवृत्त कार्मिकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने पर जोर देती है।
वेटरन्स काउंसिल दिल्ली NCT में पूर्व सैनिकों के मुद्दों को देगी प्राथमिकता
दिल्ली NCT के अध्यक्ष के रूप में AVM आलोक शर्मा की जिम्मेदारी परिषद की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और पूर्व सैनिकों से जुड़े मामलों में समन्वय मजबूत करने की होगी। इसके तहत विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने, उनकी समस्याओं को संबंधित सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाने और शिकायतों के समाधान के लिए रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
वेटरन्स काउंसिल का गठन ज्यूडिशियल काउंसिल के एक प्रस्ताव के अनुसरण में किया गया था। परिषद का व्यापक उद्देश्य उन लोगों के हितों को आगे बढ़ाना है, जिन्होंने अपने सेवाकाल में देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए योगदान दिया है।
परिषद का मानना है कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर विचार करते समय उनकी सेवा, रैंक, ट्रेड या पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी पूर्व सैनिक समान सम्मान और निष्पक्ष विचार के पात्र हैं।
पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास होंगे प्रमुख मुद्दे
सेवानिवृत्ति के बाद सैन्यकर्मियों को कई प्रशासनिक, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें पेंशन से संबंधित शिकायतें, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच, दिव्यांगता सहायता, रोजगार की उपलब्धता और पुनर्वास जैसे विषय शामिल हैं। कई मामलों में परिवारों को भी कल्याणकारी योजनाओं और निर्धारित लाभों की जानकारी प्राप्त करने अथवा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
वेटरन्स काउंसिल इन मुद्दों पर उचित प्रतिनिधित्व और संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद को महत्वपूर्ण मानती है। इसका उद्देश्य वैध शिकायतों को उचित माध्यमों से उठाना और लागू नियमों के अनुसार समाधान की दिशा में प्रयास करना है।
परिषद की प्राथमिकताओं में पूर्व सैनिकों की विधवाओं, आश्रितों और परिवारों के हितों की रक्षा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्त अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCOs), अन्य रैंकों के सैन्यकर्मियों, नौसैनिकों और वायुसैनिकों से जुड़े मामलों को भी समान महत्व देने पर जोर है।
तीन साल के कार्यकाल में संगठनात्मक समन्वय पर जोर
AVM आलोक शर्मा का प्रारंभिक तीन वर्षीय कार्यकाल दिल्ली NCT में परिषद के संगठनात्मक विस्तार और गतिविधियों को व्यवस्थित करने का अवसर प्रदान करेगा। अध्यक्ष के रूप में उनसे अपेक्षा होगी कि वे विभिन्न रैंकों और सेवाओं से जुड़े पूर्व सैनिकों की भागीदारी बढ़ाने तथा उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने में भूमिका निभाएं।
परिषद की प्रमुख प्राथमिकताओं में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- पूर्व सैनिकों के सम्मान, कल्याण और वैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देना।
- पेंशन संबंधी शिकायतों और लंबित देय लाभों के मामलों में उचित सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास करना।
- स्वास्थ्य सेवाओं तथा दिव्यांग पूर्व सैनिकों के लिए उपयुक्त सहायता तक पहुंच को प्रोत्साहित करना।
- सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- पूर्व सैनिकों की विधवाओं, आश्रितों और परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता देना।
- सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और पात्रता के आधार पर उपलब्ध लाभों की जानकारी साझा करना।
- पूर्व सैनिक संगठनों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी शिकायत निवारण को प्रोत्साहित करना।
इन सभी प्रयासों को लागू कानूनों, नियमों और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली में पूर्व सैनिकों की एकजुट आवाज बनेगी परिषद
राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा और पूर्व सैनिक कल्याण से संबंधित अनेक संस्थानों तथा सरकारी अधिकारियों के साथ संवाद की महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। ऐसे में वेटरन्स काउंसिल दिल्ली NCT में पूर्व सैनिकों के मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से उठाने और संबंधित संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में काम करना चाहती है।
परिषद के अनुसार, तीनों सेनाओं के बीच एकता प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक है। सेवा की पृष्ठभूमि, पद या व्यावसायिक अनुभव में अंतर के बावजूद पूर्व सैनिकों के साझा हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बेहतर समन्वय से समस्याओं की पहचान करने, उचित अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचाने और व्यावहारिक समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है।
पूर्व सैनिकों के अधिकार और गरिमा की रक्षा का संकल्प
वेटरन्स काउंसिल का मानना है कि देश की सेवा कर चुके सैनिकों के प्रति सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह सम्मान उनकी वैध शिकायतों पर निष्पक्ष विचार, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी सुविधाओं तक पहुंच और नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभों की सुरक्षा में भी दिखाई देना चाहिए।
AVM आलोक शर्मा की नियुक्ति के साथ परिषद ने भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। आगामी तीन वर्षों में दिल्ली NCT में बेहतर प्रतिनिधित्व, संस्थागत जवाबदेही और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाना परिषद के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
पूर्व सैनिकों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए वेटरन्स काउंसिल का लक्ष्य एक ऐसा साझा मंच विकसित करना है, जहां तीनों सेनाओं से जुड़े सेवानिवृत्त कार्मिकों की समस्याओं को बिना किसी भेदभाव के उठाया जा सके।



























