Diwali Market 2026: दिल्ली में दिवाली की तैयारियों के बीच एक ऐसा बाजार शुरू हुआ है, जहां खरीदारी के साथ हुनर और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज शुक्रवार को ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन की ओर से आयोजित ‘दिवाली बाजार 2026’ का उद्घाटन किया। यहां दृष्टिबाधित कारीगरों ने अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने बाजार का दौरा कर कारीगरों से बातचीत की और उनके काम की सराहना की।
दिवाली बाजार 2026 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, बाजार में दीपावली के लिए उपयोगी सजावटी वस्तुओं, हस्तनिर्मित सामान और अन्य उत्पादों की बिक्री की जा रही है। यहां आने वाले लोग त्योहार की खरीदारी करते हुए उन कारीगरों के काम को सीधे समर्थन दे सकते हैं, जिनके लिए रोजगार और बाजार तक पहुंच के अवसर अक्सर सीमित रहते हैं।
दृष्टिबाधित कारीगरों के उत्पादों को मिलेगा बाजार
इस बाजार का महत्व केवल त्योहार की रौनक या खरीदारी तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों की प्रतिभा को पहचान दिलाना और उनके उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करना है। स्टॉल पर रखी वस्तुएं उनके कौशल, मेहनत और रचनात्मकता का परिचय देती हैं। हर उत्पाद के पीछे प्रशिक्षण, धैर्य और आत्मविश्वास की कहानी है।
किसी हुनर को आगे बढ़ाने के लिए केवल उसे सीखना पर्याप्त नहीं होता; उसे लोगों तक पहुंचाने और उससे आय अर्जित करने का अवसर भी जरूरी है। दिवाली बाजार 2026 इसी दिशा में एक व्यावहारिक मंच उपलब्ध कराता है। यहां कारीगर अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकते हैं, ग्राहकों से मिल सकते हैं और अपनी बनाई चीजों की बिक्री कर सकते हैं। इससे उन्हें आमदनी के साथ अपने काम को नए लोगों तक पहुंचाने का मौका मिलता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्टॉल का किया दौरा
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से बातचीत की। उन्होंने कारीगरों के प्रयासों की प्रशंसा की और इस पहल को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे 30 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच बाजार में आएं, खरीदारी करें और इस पहल को अपना समर्थन दें। उन्होंने ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन को आयोजन के लिए बधाई भी दी।
ऐसी अपील का असर सिर्फ बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या तक सीमित नहीं रहता। जब लोग दृष्टिबाधित कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदते हैं, तो वे उनके काम को आर्थिक समर्थन देते हैं और यह संदेश भी मजबूत करते हैं कि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह अपनी पहचान बना सकती है। त्योहारों के मौसम में की गई खरीदारी इस तरह रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी योगदान दे सकती है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में जरूरी पहल
दृष्टिबाधित लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण, उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री के लिए उपयुक्त मंच—तीनों महत्वपूर्ण हैं। दिवाली बाजार 2026 इन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करता है। यहां कारीगरों को खरीदारों के सामने अपने काम को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। इससे वे अपने हुनर को बेहतर ढंग से पहचान दिला सकते हैं और नियमित आजीविका की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
आप सभी से अपील करती हूं कि इस दीपावली, हमारी खरीदारी किसी के जीवन में आत्मनिर्भरता का उजाला लेकर आए। आज ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘दिवाली बाजार 2026’ का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिला।
यह कितना सुंदर प्रयास है कि यहां दृष्टिबाधित भाई-बहनों सहित विभिन्न संस्थाओं को अपने बनाए उत्पाद बेचने का अवसर मिल रहा है और इससे होने वाली आय दृष्टिबाधित बच्चों एवं युवाओं की निःशुल्क शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण में उपयोग की जाएगी।
आप सभी से आग्रह है कि 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक इस बाजार में अवश्य आएं, खरीदारी करें और इस नेक प्रयास को प्रोत्साहित करें। ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन को हृदय से साधुवाद।
#Diwali2026
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 30, 2026
ऐसे आयोजनों से समाज में समान अवसर और समावेशन की चर्चा भी आगे बढ़ती है। दिव्यांगजन को केवल सहायता के पात्र के रूप में देखने की बजाय, उनके कौशल और काम को सम्मान देना जरूरी है। जब उनके बनाए उत्पादों को उचित कीमत पर खरीदा जाता है और उन्हें बिक्री के मंच मिलते हैं, तो आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक पहचान भी मजबूत होती है।

























