Mother slits throat of innocent child in UP: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। कोटरा थाना क्षेत्र के सिकरी व्यास गांव में डेढ़ साल के बच्चे की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, बच्चे की मां पारो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए साक्ष्य जुटाए हैं। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घटना की खबर फैलते ही गांव में शोक और तनाव का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अभी तक हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
सुबह करीब चार बजे हुई घटना
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात सुबह करीब चार बजे हुई। बच्चे के पिता राजेश बरार हैं। दंपती के चार बच्चे हैं और मृतक उनमें सबसे छोटा था। आरोप है कि पारो ने धारदार हथियार से बच्चे पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोटरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव शर्मा ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।
मां को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने पारो को हिरासत में लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह पूछताछ के दौरान स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दे पा रही है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच जारी रखी है। फिलहाल हिरासत में लिए जाने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और समय से जुड़े तथ्यों की पुष्टि में मदद मिल सकती है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिवार के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी को जांच में शामिल कर रही है।
परिवार ने मानसिक स्वास्थ्य उपचार की बात कही
बच्चे के पिता राजेश बरार के अनुसार, पारो की मानसिक स्थिति काफी समय से ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। यह जानकारी परिवार की ओर से दी गई है; पुलिस जांच में इसकी पुष्टि और घटना से इसके संभावित संबंध की पड़ताल की जा रही है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को संवेदनशीलता के साथ देखना जरूरी है। केवल परिवार के दावे के आधार पर घटना का कारण तय नहीं किया जा सकता।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं और उस समय कौन-कौन मौजूद था। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फोरेंसिक जांच में जुटाए गए साक्ष्य
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक नमूने जुटाए। ऐसे मामलों में मौके से प्राप्त साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है। जांच में सामने आने वाली जानकारी के बाद ही घटना के कारणों पर स्थिति साफ हो सकेगी।



























