अशोक चौहान ने उठाया नोएडा प्राधिकरण की व्यवस्था पर सवाल

Ashok Chauhan raised questions about the Noida Authority:नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में प्रवेश पास बनवाने के लिए लंबी कतारों से आम लोगों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। अशोक चौहान ने सभी काउंटर चालू करने की मांग की।

नोएडा प्राधिकरण में पास के लिए बुजुर्ग घंटों कतार में

HIGHLIGHTS

  • चार काउंटर बने, फिर भी सिर्फ दो से पास
  • सेक्टर 96 में पास बनवाने पहुंचे लोग परेशान
  • दो काउंटर बंद, नोएडा प्राधिकरण में बढ़ी भीड़
  • क्या पास की कतार से छूट जाएगी जनसुनवाई?

Ashok Chauhan raised questions about the Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में प्रवेश पास बनवाने की प्रक्रिया लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ग्राम विकास संगठन, नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने स्वागत कक्ष में लंबी कतारों और सीमित काउंटरों पर सवाल उठाते हुए प्राधिकरण से व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

अशोक चौहान के अनुसार, वह प्राधिकरण कार्यालय में प्रवेश के लिए पास बनवाने स्वागत कक्ष पहुंचे थे। वहां दो लंबी कतारें लगी थीं और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कतार में बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष भी शामिल थे। पास बनवाने के इंतजार में खड़े लोगों को देखकर उन्होंने मौके पर उपलब्ध काउंटरों की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

चार काउंटर, लेकिन पास बन रहे थे दो पर

चौहान ने बताया कि प्रवेश पास बनाने के लिए स्वागत कक्ष में चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन उस समय केवल दो काउंटरों पर ही पास जारी किए जा रहे थे। जब उन्होंने प्राधिकरण के कर्मचारियों से बाकी दो काउंटरों पर काम न होने का कारण पूछा, तो उन्हें बताया गया कि वहां सिस्टम उपलब्ध नहीं है।

इस व्यवस्था के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। चौहान के मुताबिक, कतार में खड़े रहने के बाद ही उनका प्रवेश पास बन सका। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी कार्यालय में जनसुनवाई या अन्य जरूरी काम से आने वाले लोगों का काफी समय केवल प्रवेश प्रक्रिया में लग जाना चिंता का विषय है।

जनसुनवाई से पहले ही कतार में बीतता है समय

प्राधिकरण कार्यालय आने वाले कई लोग अपनी समस्याओं के समाधान, शिकायत दर्ज कराने या अधिकारियों से मिलने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि प्रवेश पास बनवाने में ही घंटों लग जाएं, तो लोगों को अपने काम के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। अशोक चौहान ने सवाल उठाया कि लंबी प्रतीक्षा के चलते कुछ लोगों की मुलाकात या जनसुनवाई का अवसर प्रभावित हो सकता है—विशेषकर तब, जब सुनवाई का निर्धारित समय समाप्त होने लगे।

यह समस्या उन लोगों के लिए और कठिन हो सकती है जो दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, रोजाना मजदूरी करते हैं या उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के कारण लंबे समय तक खड़े नहीं रह सकते। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों के लिए कतार में इंतजार करना विशेष रूप से असुविधाजनक हो सकता है।

सभी काउंटर चालू करने की मांग

अशोक चौहान ने नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि स्वागत कक्ष के सभी चार काउंटरों पर प्रवेश पास जारी करने की व्यवस्था की जाए। यदि किसी काउंटर पर तकनीकी समस्या या सिस्टम संबंधी दिक्कत है, तो उसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए। साथ ही, लोगों को यह भी स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि कितने काउंटर चालू हैं और पास बनने में कितना समय लग सकता है।

प्रवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भीड़ के समय अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए प्राथमिकता वाली कतार तथा स्पष्ट सूचना-पट्ट जैसी व्यवस्थाएं उपयोगी हो सकती हैं। इन उपायों से कतारों का दबाव घटाने और आगंतुकों को समय पर संबंधित विभाग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पारदर्शी और सुगम व्यवस्था की जरूरत

नोएडा प्राधिकरण का मुख्य प्रशासनिक भवन बड़ी संख्या में नागरिकों के कामकाज का केंद्र है। ऐसे में प्रवेश पास की प्रक्रिया सरल, सुचारु और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। काउंटर मौजूद होने के बावजूद यदि सिस्टम या स्टाफ की कमी के कारण वे काम नहीं कर रहे, तो इसका सीधा असर कार्यालय आने वाले लोगों पर पड़ता है।

अशोक चौहान ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्वागत कक्ष की व्यवस्था का निरीक्षण कराकर सभी काउंटर नियमित रूप से चालू रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि आम जनता, महिलाओं और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में खड़ा न रहना पड़े—यह सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता होनी चाहिए।

नोएडा प्राधिकरण प्रवेश पास की प्रक्रिया में सुधार होने से न केवल प्रतीक्षा समय कम होगा, बल्कि नागरिकों को जनसुनवाई और अपने जरूरी काम के लिए अधिक समय भी मिल सकेगा। अब देखना होगा कि प्राधिकरण इस मांग पर क्या कदम उठाता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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