आईएमएस नोएडा में अब छात्र बनेंगे केस स्टडी के मास्टर

आईएमएस नोएडा (IMS Noida) सेक्टर 62 में केस स्टडी एनालिसिस पर कार्यशाला आयोजित हुई। जानें कैसे मैनेजमेंट विद्यार्थियों को मिली विश्लेषणात्मक सोच और निर्णय क्षमता की ट्रेनिंग।

मैनेजमेंट छात्रों के लिए सुनहरा मौका, आईएमएस नोएडा की कार्यशाला

HIGHLIGHTS

  • जॉब दिलाने वाला कौशल आईएमएस नोएडा ने छात्रों को सिखाया
  • एचआर एक्सपर्ट की यह बात सुन आईएमएस छात्र हुए मंत्रमुग्ध
  • प्लेसमेंट से पहले आईएमएस नोएडा ने दी इतनी खास ट्रेनिंग
  • निर्णय लेने की कला आईएमएस नोएडा की कार्यशाला में सीखी

नोएडा के सेक्टर 62 स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस नोएडा) में करियर-ओरिएंटेड शिक्षा को नई दिशा देने की एक और पहल देखने को मिली। संस्थान में “केस स्टडी एनालिसिस” (Case Study Analysis) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका केंद्रीय उद्देश्य विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान के कौशल और सही समय पर निर्णय लेने की योग्यता को मजबूत करना था।

आज के प्रतिस्पर्धी कॉर्पोरेट माहौल में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है — कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स तलाशती हैं जो जटिल परिस्थितियों को समझकर व्यावहारिक समाधान निकाल सकें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आईएमएस नोएडा ने यह कार्यशाला आयोजित की, ताकि छात्र क्लासरूम की दीवारों से बाहर निकलकर असली बिजनेस दुनिया की परीक्षा देना सीख सकें।

किताबी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलना

कार्यशाला की शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया गया कि यह सत्र रटंत-आधारित पढ़ाई से बिल्कुल अलग होगा। विद्यार्थियों को व्यावसायिक परिस्थितियों को समझने, उनमें छिपी समस्याओं की पहचान करने और प्रभावी समाधान तलाशने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

सत्र के दौरान छात्रों को असली बिजनेस सिचुएशन्स पर आधारित केस दिए गए, जिनका विश्लेषण करने के लिए उन्हें छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया। इस प्रक्रिया से न केवल उनकी समझ गहरी हुई, बल्कि टीम वर्क और समूह चर्चा का अभ्यास भी हुआ — जो कॉर्पोरेट कार्यसंस्कृति का अहम हिस्सा है।

मधुलिका वर्मा की प्रस्तुति: “केस स्टडी सोचने की ट्रेनिंग है”

कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता प्रसिद्ध एचआर कंसल्टेंट मधुलिका वर्मा ने अपने विचार रखे। अपने लंबे कॉर्पोरेट अनुभव के आधार पर उन्होंने छात्रों को बताया कि केस स्टडी केवल किसी समस्या को समझने का माध्यम भर नहीं है।

मधुलिका वर्मा ने कहा है कि केस स्टडी विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में सोचने, विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन करने और सही निर्णय लेने के लिए तैयार करती है। मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करें। इससे उन्हें भविष्य में कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों का सामना करने में आसानी होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जब एक प्रोफेशनल किसी कंपनी में काम करता है, तो उसके सामने वैसी ही अस्पष्ट और जटिल स्थितियां आती हैं, जैसी केस स्टडीज में होती हैं। ऐसे में जो छात्र कॉलेज के दौरान ही इस अभ्यास को कर चुका हो, वह इंटरव्यू और जॉब में दोनों जगह आगे निकल जाता है।

डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने दिया ज्ञानवर्धक संदेश

इस अवसर पर आईएमएस नोएडा की डीन मैनेजमेंट डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यशाला में इंटरैक्टिव गतिविधियों, वास्तविक व्यावसायिक उदाहरणों एवं केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों का विश्लेषण करने, अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझने और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लेने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने कहा है कि प्रबंधन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार ऐसी कार्यशालाएं छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप तैयार करती हैं।

टॉप बिजनेस स्कूलों की पसंद: केस स्टडी मेथड क्यों?

केस स्टडी पद्धति कोई नई अवधारणा नहीं है। विश्व के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों जैसे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ने दशकों पहले ही इस तरीके को पाठ्यक्रम का केंद्र बनाया, क्योंकि यह छात्रों को “सोचने” पर मजबूर करता है — केवल “याद करने” पर नहीं।

इस पद्धति की खासियत है कि वास्तविकता से जुड़ाव: छात्र उन्हीं समस्याओं से रूबरू होते हैं, जिनका सामना कंपनियां करती हैं। बहुपक्षीय सोच: एक ही समस्या पर अलग-अलग नजरिए समझने की क्षमता विकसित होती है। डेटा-आधारित निर्णय: भावनाओं की जगह तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने की आदत बनती है।कम्युनिकेशन स्किल: अपनी राय को तर्क के साथ प्रस्तुत करने का अभ्यास होता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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