दिल्ली-NCR की हवा इस वक्त अपने इस सीजन के सबसे खतरनाक दौर में पहुंच चुकी है। दिल्ली में AQI 400 पार जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम में भी जिला प्रशासन ने 5 नवंबर से 20 नवंबर तक के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनमें निर्माण पर रोक और आधे कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम शामिल है। आइए जानते हैं कि कहां-कहां AQI कितना दर्ज हुआ और कौन-से नियम अब आपके काम को असर डालेंगे।
दिल्ली की हवा में जहर: औसत AQI 401, कई इलाकों में 447 तक का ज़हर
दिल्ली की हवा हुई बेहद खराब, सीजन में पहली बार AQI 401 के पार, CPCB के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 401 दर्ज किया गया, जिसके साथ ही राजधानी की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई, IGI एयरपोर्ट के रनवे पर भी स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी, पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 447 AQI दर्ज किया गया, आईआईटी दिल्ली में 438, मुंडका में 436, रोहिणी में 433, डीटीयू में 432, विवेक विहार और पूसा में 428, अलीपुर में 419, नरेला में 418, सोनिया विहार और आरके पुरम में 417, आईटीओ में 414, पटपड़गंज में 410, बवाना, सिरीफोर्ट और मंदिर मार्ग में 408, जबकि डीयू नॉर्थ कैंपस में 407 AQI दर्ज किया गया।
गुरुग्राम में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए गुरुग्राम के जिला उपायुक्त ने 15 दिनों के लिए पूरे जिले में निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध सिर्फ प्राइवेट बिल्डिंगों तक सीमित नहीं है — इसका दायरा सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर और पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं पर भी लागू होगा।
हालांकि, कुछ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को छूट दी गई है, लेकिन शर्त यह है कि उन्हें एंटी-स्मॉग गन, धूल-नियंत्रण कवरिंग जैसे सभी नियमों की कड़ी पालना करनी होगी। यह आदेश CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) की ओर से दिल्ली-NCR के लिए जारी 15-दिवसीय निर्देश के अनुरूप ही है, जो 5 से 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम, उपस्थिति का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य
गुरुग्राम में सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू, अब सिर्फ आधे कर्मचारी ही ऑफिस पहुंचेंगे, जबकि बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा, कंपनियों और सरकारी विभागों को कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड भी तैयार रखना होगा, ताकि नियमों की निगरानी की जा सके, हालांकि इस नियम से औद्योगिक इकाइयों यानी फैक्ट्रियों और प्लांट को छूट दी गई है, इसके अलावा अस्पताल, बिजली-पानी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आपातकालीन और जरूरी सेवाएं भी इस नियम के दायरे से बाहर रहेंगी।
























