Mohan Garden sewer overflow: पश्चिम दिल्ली (मोहन गार्डन) त्योहारों का सबसे बड़ा पर्व दिवाली के दिन गिनती के सिर्फ दो-तीन रह गए हैं और हर घर में दीप, रंगोली और सफाई की खुशियाँ घर कर चुकी हैं। लेकिन मोहन गार्डन के हजारों परिवारों के लिए इस बार दिवाली की खुशी में रंग भरने की बजाय सड़कों पर बहते सीवर ओवरफ्लो की गंदगी और दिन-रात उठती बदबू ने घर कर लिया है। इलाके के A-1, A-2 प्लांट और गुरुद्वारा गली नंबर 1 व 2 में पिछले तीन महीने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड के JE और सीवर अधिकारियों की अनसुनी करने की स्थिति के चलते समस्या हल होने के बजाय हर दिन बदतर होती जा रही है।
कहाँ-कहाँ है सबसे बुरी हालत?
मोहन गार्डन के A-1 और A-2 प्लांट के आसपास गलियों में सीवर का गंदा पानी ऐसी तेजी से सड़कों पर बह रहा है कि रास्ते तक पार करना मुश्किल हो गया है। गुरुद्वारा गली नंबर 2 और गली नंबर 1 की स्थिति इससे भी खराब है — यहाँ गंदा पानी घरों की दहलीज़ तक पहुँच चुका है। दुकानदार बताते हैं कि ग्राहक दुकानों तक आने से हिचक रहे हैं, जिससे त्योहारी सीज़न का धंधा भी ठप पड़ा है।
तीन महीने, दर्जनों शिकायतें और ज़ीरो एक्शन
समस्या कोई एक-दो दिन की नहीं है। पिछले तीन महीनों से मोहन गार्डन के निवासी लगातार अधिकारियों के दरवाज़े खटखटा रहे हैं, लेकिन हर जगह उन्हें टालमटोल का ही जवाब मिला। जिसके कारण नवरात्री, करवा चौथ नहीं मना पाए और अब सबसे बड़ी दिवाली होती है जो भी शिकायत दिल्ली सरकार तक किया जा चुका है। उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं।
JE और सीवर अधिकारी कहाँ खो गईं शिकायतें?
इलाके के निवासियों ने बार-बार मोहन गार्डन दिल्ली जल बोर्ड जोन में तैनात JE और सीवर अधिकारी को लिखित और मौखिक शिकायतें कीं। फोन पर हर बार आश्वासन मिला — “काम हो जाएगा” — लेकिन न सफाई की टीम आई और न ही सीवर लाइन की निरीक्षण रिपोर्ट सामने आई।
CM हेल्पलाइन 1076 और LG जनसुनवाई पोर्टल तक पहुँची अपील
जब विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो लोगों ने ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लिया। दिल्ली CM जनसुनवाई पोर्टल https://cmjansunwai.delhi.gov.in/ शिकायत दर्ज कराई गई, फिर LG जनसुनवाई पोर्टल (greivance.pgportal.gov.in/delhict) पर शिकायत पहुँचाई गई। कागज़ों पर कंप्लेंट नंबर जनरेट हो गए, स्टेटस भी बदलता रहा, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं बदला।
दिवाली की रौनक, लेकिन सड़कों पर गंदगी का साया
दिवाली से पहले हर घर में सफाई का उत्सव होता है — लोग घर की दीवारें पोतते हैं, आँगन लिपते हैं, रंगोली बनाते हैं। लेकिन मोहन गार्डन के A-1, A-2 प्लांट और गुरुद्वारा गली नंबर 1 व 2 के निवासियों के लिए यह त्योहार इस बार गंदगी में मनाने को मजबूर होने का बन गया है।
एक स्थानीय निवासी का कहना है, “हम घर के भीतर दीप जला रहे हैं और घर के बाहर सीवर बह रहा है। मेहमान घर आने से मना कर रहे हैं। जब तीन महीने में न जेई ने काम किया, न सीवर अधिकारी ने, तो हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर हम किससे शिकायत करें?” दुकानदारों की दिक्कत अलग है — त्योहारों का सीज़न उनकी सालभर की कमाई का सबसे बड़ा जरिया होता है, लेकिन सड़कों पर बहते गंदे पानी और उगलती बदबू ने ग्राहकों को भगा दिया है।
बदबू और गंदे पानी से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
सीवर ओवरफ्लो सिर्फ सफाई की समस्या नहीं, सीधा स्वास्थ्य आपात है। गंदा पानी जमा रहने से डेंगू और मलेरिया के मच्छर पनपने के लिए आदर्श हालात बन रहे हैं, जबकि दिल्ली में इस वक्त वेक्टर-जनित बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में डायरिया, टाइफाइड और पेट के रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गंदे पानी से लगातार संपर्क में रहने वालों में त्वचा रोग और फंगल इंफेक्शन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
रात के समय गलियों में फैली बदबू और खुला गंदा पानी सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी पैदा कर रहा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए। अगर दिवाली के बाद बारिश या नमी रही, तो यह गंदगी महामारी जैसी स्थिति की जड़ बन सकती है।
दिल्ली जल बोर्ड के जवाब के इंतज़ार में लोग
दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी है कि सीवर लाइनों की नियमित निकासी (डी-सिलिंग), लाइनों की मरम्मत और ओवरफ्लो वाले पॉइंट्स की तुरंत जाँच हो। लेकिन मोहन गार्डन के मामले में यह पूरी प्रणाली उस समय तक ठप पड़ी है, जब तीन महीने में शिकायतें जेई से लेकर JE तक और फिर CM पोर्टल और LG पोर्टल तक पहुँच चुकी हैं।
सवाल यह नहीं कि क्या सिस्टम काम नहीं कर सकता — सवाल यह है कि जब तीन महीने, दर्जनों शिकायतें और तीन मंगलवार भी जवाब न दें, तो क्या जवाबदेही तय करने वाला कोई है? दिल्ली जल बोर्ड की ओर से इस रिपोर्ट तक अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
मोहन गार्डन निवासियों की मांगें
इलाके के लोगों ने दिवाली से पहले तत्काल कार्रवाई की ये मांगें रखी हैं
- A-1, A-2 प्लांट और गुरुद्वारा गली नंबर 1 व 2 नियर राहुल प्रोपर्टी की सीवर लाइनों की तत्काल डी-सिलिंग और जाम वाले पॉइंट की पहचान कर मरम्मत।
- ओवरफ्लो हो रहे नालों का गंदा पानी तुरंत निकालकर सड़कों की सफाई और कीटनाशक दवा का छिड़काव।
- शिकायतों की अनदेखी करने वाले JE और सीवर अधिकारी की जवाबदेही तय हो।
- भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए सीवर लाइनों की मासिक निकासी की ठोस व्यवस्था।

























