प्रॉपर्टी के चक्कर में भतीजे ने चाचा-चाची को मार डाला

Murder in a Property Dispute: बागेश्वर के बैजनाथ के नरग्वाड़ी गांव में प्रॉपर्टी विवाद में भतीजे ने चाचा-चाची को लोहे की रॉड से मारकर डबल मर्डर कर दिया। जानें 2017 के कुल्हाड़ी हमले और गिरफ्तारी की पूरी डिटेल।

उत्तराखंड में प्रॉपर्टी के लिए टूटा खून का पवित्र रिश्ता

HIGHLIGHTS

  • लोहे की रॉड से 10 वार, चाचा-चाची की नृशंस मौत
  • नौ साल पहले बना मकान आज बना मौत का अड्डा
  • 2017 में कुल्हाड़ी से बचीं चाची, इस बार नहीं बचीं
  • आधे घंटे में दस खूनी वार, एक पूरा परिवार तबाह

Murder in a Property Dispute: ज़मीन-मकान की लालच ने एक बार फिर परिवार के भीतर खून का रिश्ता तोड़ दिया। जिले के बैजनाथ थाना क्षेत्र के गांव नरग्वाड़ी में रविवार देर रात अपने ही चाचा और चाची पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला करने का आरोप भतीजे पर लगा है। इस बैजनाथ डबल मर्डर की वजह नौ साल पहले बने एक साझा मकान को लेकर पैदा हुई रंजिश बताई जा रही है। वारदात के दौरान बीच-बचाव करने दौड़ी बहू भी हमलावर के निशाने पर आ गई, जो अब अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

नरग्वाड़ी हत्याकांड: रात के अंधेरे में हुई नृशंस वारदात

प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविवार की देर रात गांव नरग्वाड़ी में अचानक चीख-पुकार की आवाज़ें गूंज उठीं। 70 वर्षीय बुजुर्ग पूरन चंद्र खोलिया और उनकी 62 साल की पत्नी भगवती देवी पर उनके ही भतीजे गोविंद बल्लभ खोलिया (58) ने लोहे की रॉड से लगातार हमले बढ़ाने शुरू कर दिए। आरोप है कि करीब आधे घंटे के दौरान हमलावर ने दोनों बुजुर्गों पर दस से ज़्यादा बार ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों की मौके पर ही जान निकल गई।

शोर सुनकर पहले पीड़ित की बहू दया खोलिया और आरोपी की पत्नी नवीन खोलिया बचाने के लिए पहुंचीं, लेकिन खून के प्यासे हमलावर ने उन पर भी रॉड उठा दी। इस हमले में बहू दया गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गईं। खबर के फैलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

इलाज के दौरान टूटी सांसें, बहू का हालत नाजुक

ग्रामीणों ने तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ लेकर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने पूरन चंद्र और भगवती देवी को लाने के समय ही मृत घोषित कर दिया। बुरी तरह घायल दया खोलिया की हालत देखकर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है। बुजुर्ग दंपति की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है।

नौ साल पुराने साझा मकान का विवाद बनी जान की दुश्मनी

पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार इस प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की जड़ें वर्षों पुरानी हैं। पूरन चंद्र और उनके सगे भाई मथुरा दत्त ने करीब नौ साल पहले मिलकर एक मकान बनवाया था। शुरुआती दौर में दोनों परिवारों के बीच सब ठीक चलता रहा, लेकिन समय के साथ मकान को लेकर अनबन बढ़ती गई और दोनों घरानों के रिश्ते बिगड़ते चले गए।

मथुरा दत्त के बेटे गोविंद बल्लभ खोलिया का चाचा पूरन चंद्र और चाची भगवती देवी से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। पुलिस को शुरुआती जांच में यही विवाद वारदात की बड़ी वजह नज़र आ रहा है। दरअसल, आरोपी का मन में प्रॉपर्टी को लेकर इतना गुस्सा भर चुका था कि उसने रिश्ते की कसम खाकर दोनों बुजुर्गों को उनके ही घर में मौत के घाट उतार दिया।

2017 में भी चाची पर कुल्हाड़ी से हो चुका था हमला

इस घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी गोविंद बल्लभ पहली बार हमले को अंजाम नहीं दे रहा था। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में भी उसने चाची भगवती देवी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था, लेकिन तब चाची किसी तरह बच निकलीं और उनकी जान बच पाई। उस वक्त भी यह मामला पुलिस तक पहुंचा था, लेकिन कहा जाता है कि परिवार ने रिश्ते बचाने की कोशिश में मामले को दबा दिया। सूत्रों के मुताबिक 2017 के हमले के बाद आरोपी के सिर पर ऐसा खून सवार हो गया था कि वह रिश्तेदारों को माफ करने के मूड में कभी नहीं आया और आखिरकार उसने रविवार रात अपनी दुश्मनी को अंजाम दे ही दिया।

10 घंटे की छापेमारी के बाद कौसानी के पास गिरफ्तार हुआ आरोपी

वारदात के बाद आरोपी भाग निकला, जिसके बाद बैजनाथ पुलिस ने कई टीमें गठित कर तलाशी अभियान शुरू किया। रातभर चली छापेमारी के दौरान रविवार देर रात की वारदात के करीब 10 घंटे बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी गोविंद बल्लभ खोलिया को कौसानी मार्ग पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के पास से हमले में इस्तेमाल लोहे की रॉड बरामद की गई है।

थाना प्रभारी कैलाश नेगी ने बताया कि घटना के बाद बैजनाथ पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतकों के परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि अदालत में आरोपी को सजा दिलाने के लिए कड़ी पेशी की जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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