CM Yogi Ayodhya Deepotsav 2026: श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में आयोजित होने वाला दीपोत्सव अब केवल श्रद्धा और रोशनी का पर्व नहीं रहा, यह उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मंच भी बनता जा रहा है। कार्यक्रम में शिरकत के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा तंज कसा और कहा कि अयोध्या “जरूर आएं, लेकिन माफी मांगकर आएं”। उनका यह बयान तब आया है, जब अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अयोध्या दौरे पर राम मंदिर में प्रभु के दर्शन करने जा रहे हैं।
दीपोत्सव के मंच से योगी ने किया ऐलान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की अयोध्या त्रेता युग की उस गौरवशाली नगरी का स्मरण करा रही है, जब यह नगरी पूरी तरह जीवंत और समृद्ध थी। उन्होंने कहा कि श्रीराम भारत के आत्मसम्मान के प्रतीक हैं और अयोध्या धाम ने वह गौरव दोबारा हासिल कर लिया है, जिसके लिए संतों और कारसेवकों ने बलिदान दिया। सीएम ने याद दिलाया कि इसी पावन धरती पर कभी राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं, लाठियां बरसाई गईं और उनके साथ बड़े अत्याचार हुए थे।
‘कथा की मर्यादा है, उसे मुशायरा न समझें’
मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी उन बयानों के जवाब में मानी जा रही है, जिनमें एक राम कथा को ‘मुशायरे’ जैसी तुलना दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारी कथाओं की अपनी मर्यादा और पवित्र परंपरा है, लेकिन कुछ लोग अपनी उच्छृंखल वृत्ति के चलते कथा की पवित्रता को भुलाकर उसे मुशायरे के दायरे में लाकर अपवित्र करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले अयोध्या में अंकुश लगता था — कोई यहां आता नहीं था, कोई जय श्री राम नहीं बोल सकता था। आज वही लोग, जो राम के खिलाफ वकीलों की फौज खड़ी करते थे, राम के अस्तित्व को स्वीकार कर रहे हैं। सीएम योगी ने इसे अपनी सरकार की ‘बड़ी उपलब्धि’ बताया।
योगी का सीधा संदेश
अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने संतों को अपमानित किया, राम भक्तों पर लाठीचार्ज करवाया और गोलियां चलाईं, वे अयोध्या जरूर आएं, लेकिन पहले माफी मांगकर आएं। उन्होंने कहा कि कम से कम एक बार राम भक्तों से और एक बार संतों से क्षमा मांग लें और अपने कृत्यों के लिए पश्चाताप कर लें।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि प्रभु श्रीराम सदाचरणी हैं, सबके पालनहार हैं और सब पर कृपालु हैं; वे सबको माफ करेंगे, लेकिन अहंकारी सत्ता को समाप्त करने में कोई क्षण भी नहीं लगाते। उनके मुताबिक किसी को अहंकार और दंभ छा जाए तो प्रभु उसे नरक तक पहुंचाने में भी देर नहीं करते।
12 दिसंबर को अयोध्या दौरे पर अखिलेश यादव
सपा प्रमुख के अयोध्या दौरे का ऐलान हो चुका है। 12 दिसंबर को वे धर्मनगरी पहुंचेंगे, जहां पहले हनुमानगढ़ी में माथा टेकेंगे और इसके बाद राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्रीराम लल्ला के दर्शन करेंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा समारोह (जनवरी 2024) में शामिल न होने के बाद अखिलेश का राम मंदिर दर्शन सपा की वोट-रणनीति और भाजपा की हिंदुत्व राजनीति — दोनों के लिए अहम संकेत देता है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दीपोत्सव
मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या के विकास की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि अयोध्या में हवाई अड्डा नहीं बन सकता, लेकिन आज यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है। दीपोत्सव को लगातार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिले हैं और सरयू तट पर लाखों दीपों की रोशनी ने अयोध्या को वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर छा दिया है। राम मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भी रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या एक बार फिर केंद्र में है। भाजपा अखिलेश के दौरे को ‘दबाव में आना’ मान रही है, जबकि सपा इसे श्रद्धा की यात्रा बता रही है। ऐसे में दीपोत्सव के मंच से ‘माफी मांगकर आएं’ वाला बयान संकेत देता है कि आने वाले दिनों में अयोध्या का मुद्दा सियासत में और तेज होगा।



























