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Delhi News : देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और सड़कों पर बेशुमार गाड़ियों की भीड़ को देखते हुए सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। शहर की हवा को साफ करने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए अब सड़कों को ‘चार्जेबल संसाधन’ बनाए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत दिल्ली में ‘कंजेशन प्राइसिंग’ (भीड़भाड़ शुल्क) लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे सड़कों पर वाहनों की संख्या को कम किया जा सके।
एक्सपर्ट पैनल ने दिया सुझाव
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा से हाल ही में देश के शीर्ष थिंक टैंक से जुड़े एक विशेषज्ञ पैनल (Expert Panel) ने मुलाकात की। इस दौरान पैनल ने प्रदूषण और यातायात की समस्या का समाधान करते हुए ‘कंजेशन प्राइसिंग’ व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। इस मॉडल के तहत पीक आवर्स (भीड़ का समय) में सड़कों पर गाड़ी निकालने के लिए नागरिकों को फीस देनी होगी। इसका उद्देश्य सड़कों को मुफ्त सार्वजनिक संपत्ति की जगह भुगतान आधारित संसाधन बनाना है, ताकि लोग अनावश्यक वाहन निकालने से बचें।
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सेक्टर-वाइज रणनीति पर फोकस: मंत्री सिरसा
पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने इस बारे में स्पष्ट किया कि सरकार प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ‘सेक्टर वाइज रणनीति’ पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम हर इलाके में लक्षित उपायों के जरिए प्रदूषण के मुख्य स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स के कई सुझाव हमारी मौजूदा नीतियों से मेल खाते हैं। जहां जरूरत होगी, वहां गहन मूल्यांकन के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।”
प्रदूषण के कारण और उपाय
एक्सपर्ट पैनल ने प्रदूषण के स्रोतों की समीक्षा करते हुए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को मुख्य मुद्दा बताया। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियां, कचरा जलाना और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल भी प्रमुख कारण हैं। इस पर काबू पाने के लिए पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने की नीति, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही, संस्थानों के खुलने-बंद होने के समय में बदलाव कर पीक-आवर की भीड़ को कम करने का भी सुझाव दिया गया।
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लंदन-न्यूयॉर्क का है उदाहरण
यह व्यवस्था दिल्ली के लिए कोई पहला प्रयोग नहीं होगा। दुनिया के कई बड़े शहरों में यह मॉडल सफलतापूर्वक चल रहा है:
- लंदन: साल 2003 से लागू इस व्यवस्था के तहत सेंट्रल लंदन में एक दिन का किराया लगभग 1600 रुपये है।
- न्यूयॉर्क: अमेरिका के इस महंगे शहर में रोजाना 1250 रुपये की फीस ली जाती है।
- सिंगापुर: 1998 से लागू इस प्रणाली में हर एंट्री पर 30 से 350 रुपये तक का चार्ज किया जाता है।
- स्टॉकहोम: यहां एक दिन की अधिकतम फीस 1000 रुपये तक है।
सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इन सुझावों पर तकनीकी मूल्यांकन और पायलट प्रोजेक्ट के जरिए परीक्षण किया जाएगा। इस बात पर भी जोर दिया गया कि ‘सीमा-पार प्रदूषण’ (Transboundary pollution) की चुनौती के बीच स्थानीय स्तर पर सख्त कदम उठाना अति आवश्यक है।

























