दिल्ली की राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर से वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों का मुद्दा गर्मा गया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के बहादुर अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आप पार्टी के पूर्व नगर निगम पार्षद ताहिर हुसैन को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद, भाजपा ने आप पर जमकर हमलावर रुख अपनाया है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
हर्ष मल्होत्रा ने खोली आप पार्टी की ‘पोल’
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि आप पार्टी के कई ऐसे तत्वों से गहरे और चौंकाने वाले संबंध रहे हैं, जिनका इरादा देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना रहा है। मल्होत्रा ने ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों का ‘सबसे बड़ा और चमकता उदाहरण’ बताया है
हर्ष मल्होत्रा अपने बयान में कई ऐसे नामों को जोड़ा जो कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी दायरे में रहे। उन्होंने दंगों के एक अन्य आरोपी खालिद सैफी का जिक्र करते हुए बताया कि सैफी ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) आंदोलन के दौरान केजरीवाल की कोर टीम का हिस्सा था। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि जब तक 2023 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे फटकार नहीं लगाई, तब तक केजरीवाल सरकार दिल्ली दंगों के अन्य कथित मास्टरमाइंड उमर खालिद के मामले में काफी नरम रुख अपनाए हुए थी।
मल्होत्रा ने ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2015 से लेकर 2024 के बीच, विशेषकर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान, अमानतुल्लाह पर भीड़ को भड़काने और तनाव फैलाने के लगातार आरोप लगते रहे हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट मांग उठाई है कि अरविंद केजरीवाल को ताहिर हुसैन सहित इन सभी लोगों को बचाने और संरक्षण देने के लिए देश के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
कपिल मिश्रा ने कहा- ‘यह थी सुनियोजित साजिश’
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने इस मुकदमे के नतीजे को अपने पिछले छह सालों के बयानों की पुष्टि बताया। उन्होंने कहा कि 2020 में हुए दिल्ली दंगे कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थी, बल्कि यह हिंदुओं के नरसंहार को अंजाम देने की एक बेहद सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने बताया कि सड़कों को बंद करना, हिंदू समुदाय के लोगों को घेरना और उन्हें वहां से भागने पर मजबूर करने की पूरी प्लानिंग पहले से की गई थी।
कपिल मिश्रा ने अंकित शर्मा की दर्दनाक मौत को याद करते हुए कहा कि एक निर्दोष और बेगुनाह युवा आईबी अधिकारी की हत्या करके उसकी लाश को नाले में फेंक देना बताता है कि आरोपियों की मानसिकता कितनी संकीर्ण और क्रूर थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ताहिर हुसैन जैसे आरोपी को आम आदमी पार्टी क्यों बचा रही थी? कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब अंकित शर्मा की हत्या हो रही थी, तब भी ताहिर हुसैन के संपर्क में अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह जैसे आप के शीर्ष नेता थे।
मनजिंदर सिंह सिरसा का हमला- ‘केजरीवाल ताहिर से भी ज्यादा खतरनाक’
भाजपा नेता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अदालत में पेश हुए साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन के घर से पेट्रोल बम बरामद होना यह साबित करता है कि दंगों की पूरी प्लानिंग उसके घर से ही हो रही थी। उसका घर एक प्रकार से हिंसा की फैक्ट्री बन चुका था।
सिरसा ने चुभावें शब्दों में कहा कि अरविंद केजरीवाल ताहिर हुसैन से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है। उनका आरोप है कि जब ताहिर हुसैन जैसे लोग मैदान में हिंसा कर रहे थे, तब केजरीवाल उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से शरण और संरक्षण प्रदान कर रहे थे। सिरसा ने कहा कि इस फैसले के बाद केजरीवाल का असली चेहरा सामने आ गया है और अब दिल्ली की जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
























