Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध रूप से हो रहे रेत के उत्खनन और उसकी तस्करी को लेकर जिला प्रशासन ने अब कमर कस ली है। खनिज विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिछले 48 घंटे के दौरान ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। इस दौरान उड़नदस्ता टीम ने अवैध रेत ढो रहे 4 भारी वाहनों को मौके से ही कब्जे में लिया है। प्रशासन की इस सख्ती से जहां रेत माफिया में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम नागरिकों में भी राहत की सांस देखी जा रही है।
ये हैं वो इलाके, जहां चला खनिज विभाग का छापा
खबरों के अनुसार, 12 और 13 जुलाई की देर रात्रि और सुबह के समय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में धावा बोला। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से ग्राम सारंगपुरी, खरेंगा, अमेठी, सरगी-दोनर और पाहंदा इलाके शामिल हैं।
ये सभी इलाके पहले से ही अवैध खनन के लिए कुख्यात माने जाते रहे हैं। टीम को जब यहां गश्त के दौरान कुछ वाहनों पर संदेह हुआ, तो तत्काल उन्हें रोका गया। जांच में जब यह बात सामने आई कि इन वाहनों में भरी गई रेत का कोई वैध कागजात या ई-रास्ता नहीं है, तो सख्ती से एक्शन लेते हुए सभी 4 वाहनों को सीज कर लिया गया।
कानूनी पचड़े में फंसे तस्कर
जब्त किए गए इन चारों वाहनों के मालिकों और ड्राइवरों के खिलाफ भारतीय खन एवं खनिज विकास और नियमन (MMDR) अधिनियम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इन वाहनों को जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक ये पुलिस और प्रशासन की कस्टडी में रहेंगे। साथ ही, इनके खिलाफ भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे माफिया को सीधा आर्थिक झटका लगेगा।
एक साल में वसूले लगभग 70 लाख रुपये का जुर्माना
यह कार्रवाई कोई एकदम से शुरू की गई है नहीं, बल्कि लगातार चल रहे अभियान का ही नतीजा है। खनिज विभाग के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13 जुलाई तक के छोटे से समय में ही विभाग ने अवैध उत्खनन, परिवहन और गैर-कानूनी भंडारण से जुड़े कुल 239 मामलों का खुलासा किया है। इन 239 मामलों में दोषियों से कुल 69 लाख 32 हजार 683 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) वसूल किया जा चुका है। यह राशि सीधे राजस्व खाते (शासकीय खनिज मद) में जमा कर दी गई है।
कलेक्टर ने दिए सख्त संदेश
धमतरी के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का कहना है कि जिले की नदियों और जलस्रोतों से अवैध तरीके से रेत निकालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की नजर लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है। जैसे ही किसी भी क्षेत्र से अवैध खनन या परिवहन की सूचना मिलती है, खनिज विभाग की टीम बिना देरी के मैदान में उतरती है। कलेक्टर ने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की छापेमारी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी।
पर्यावरण और सड़कों को होता है नुकसान
दरअसल, अवैध रेत खनन सिर्फ सरकारी राजस्व की हानि ही नहीं करता, बल्कि इससे पर्यावरण को भी अनुमानित नुकसान होता है। नदियों की गहराई बढ़ने, किनारों का कटाव और जलस्तर में गिरावट जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। इसके अलावा, ओवरलोड (अत्यधिक भार) वाहनों से ग्रामीण और शहरी सड़कें तेजी से जर्जर होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन का यह अभियान इन सभी समस्याओं को रोकने के लिए एक जरूरी कदम माना जा रहा है।
धमतरी कलेक्टर ने इस मुहिम को और सफल बनाने के लिए स्थानीय नागरिकों का सहयोग मांगा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि उनके इलाके में, गांव में या आसपास के क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति बिना परमिट के रेत खोद रहा है या ट्रैक्टर-ट्रक से अवैध तरीके से रेत ले जा रहा है, तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। लोगों को तत्काल जिला प्रशासन या खनिज विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
























