पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत का सपना संजोते हुए, बलरामपुर जिले में वन महोत्सव 2026 का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया। यह आयोजन न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास था, बल्कि युवाओं और नागरिकों को पेड़ पौधों की महत्ता का भी संदेश दे रहा था। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ किसानों, छात्रों और नागरिकों में वृक्षारोपण का जज़्बा भी देखा गया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता
यह कार्यक्रम भेलवाडीह के प्रयास आवासीय विद्यालय में आयोजित किया गया था, जहां जिला प्रशासन के अधिकारी और कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति नागरिकों में जागरूकता फैलाना और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम में मंत्री रामविचार नेताम ने विशेष रूप से भाग लिया और उन्होंने छात्रों के साथ रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस पौधे को लगाने का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाना और वृक्षारोपण के महत्व को दर्शाना था।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि वन महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक जनजागरूकता का अभियान है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाना है। उनका मानना है कि मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे जीवन और पर्यावरण दोनों खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कलेक्टर का संदेश
कार्यक्रम में बलरामपुर जिले के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने नाम और अपनी बेटी के नाम एक-एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। पेड़ हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं और जन्म से लेकर मृत्यु तक उनका योगदान अहम होता है। पेड़ संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह प्रतियोगिताएं भी पर्यावरण संरक्षण के संदेश को विस्तार देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थीं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों में जागरूकता फैलाने के लिए ग्रीन एटीएम के माध्यम से निःशुल्क पौधों का वितरण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना था। इस दौरान हजारों नागरिकों ने इन पौधों का लाभ उठाया और अपने घरों में पौधे लगाए। यह अभियान लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी
वन महोत्सव 2026 का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थानों का काम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर, पेड़-पौधों का संरक्षण कर अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना चाहिए। यदि हम अभी से जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण छोड़ना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने पर्यावरण का संरक्षण करें और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करें।























