हरियाणा के गुरुग्राम शहर में राजनीतिक तापमान एक बार फिर से चढ़ता हुआ नजर आ रहा है। शहर के सेक्टर-31 स्थित भाजपा के जिला कार्यालय ‘गुरुकमल’ के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त और अहम कदम उठाया है। मंगलवार को कांग्रेस द्वारा भाजपा दफ्तर के बिल्कुल सामने एक धार्मिक आयोजन (सुंदरकांड पाठ) करने की घोषणा के बाद मचे हड़कंप के बीच, जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त उत्तम सिंह ने नई आपराधिक प्रक्रिया संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत वहां निषेधाज्ञा (प्रतिबंध) लगा दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसके तहत भाजपा कार्यालय के चारों ओर 300 मीटर के दायरे में कई तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
पूरे मामले की असल वजह क्या है?
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में सामने आए एक विवाद की बगल में खड़ा है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि एक राम मंदिर में चंदा चोरी की गई है। इस आरोप के विरोध में और अपनी नाराजगी प्रदर्शित करने के लिए कांग्रेस ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। पार्टी ने तय किया कि वह विरोध प्रदर्शन करने के बजाय सीधे भाजपा के जिला कार्यालय के बाहर सुंदरकांड का पाठ करेगी।
हालांकि, किसी भी राजनीतिक दल के दफ्तर के सीधे सामने धार्मिक आयोजन करने की घोषणा ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। एक तरफ जहां यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, वहीं दूसरी तरफ इसके पीछे सीधे राजनीतिक मंशा नजर आ रही थी। ऐसे में दोनों ही गुटों के आमने-सामने आने और शहर में अफरातफरी मचाने की पूरी आशंका थी, जिसे देखते हुए डीसी ने यह कठोर कदम उठाया।
पुलिस की चेतावनी और कांग्रेस का पलटवार
इस पूरे प्रकरण को लेकर सेक्टर-40 थाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को एक औपचारिक नोटिस जारी कर कानून हाथ में लेने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि विपक्षी दल के कार्यालय के बाहर धार्मिक कार्यक्रम कराने का मकसद सिर्फ भड़काना है, न कि आस्था जताना।
वहीं, प्रशासन के इस रुख पर कांग्रेस ने जमकर नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवान राम और हनुमान जी का नाम लेना भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में कोई जुर्म नहीं बन सकता।
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अक्सर खुद को धर्म का एकमात्र ठेकेदार समझने लगती है। जब जनता या विपक्ष ईमानदारी से भगवान की आराधना करता है, तो उसे सत्ता के दम पर पुलिस बल के डर से डटाने की कोशिश की जाती है। वर्धन राव ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि मंगलवार को होने वाला सुंदरकांड पाठ पूरी तरह से फाइनल है और पार्टी के कार्यकर्ता इस शेड्यूल से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।























