हरियाणा के गुरुग्राम में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर एक्सप्रेसवे पर नरसिंहपुर इलाके के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिसके बाद दिल्ली और जयपुर की ओर जाने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक्सप्रेसवे पर बने इस गड्ढे और मरम्मत कार्य के चलते लगातार दो दिनों तक गुरुग्राम में लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
गुरुग्राम को देश के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में गिना जाता है। यहां से रोजाना लाखों वाहन दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बीच सफर करते हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे की एक लेन भी प्रभावित होने पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब नरसिंहपुर के पास सड़क धंसने के बाद वाहनों की रफ्तार थम गई।
बारिश को माना जा रहा था कारण
शुरुआत में माना जा रहा था कि भारी बारिश और जलभराव की वजह से एक्सप्रेसवे की सड़क कमजोर हुई और वह धंस गई। हालांकि, जांच के बाद सामने आया कि केवल बारिश ही इसकी मुख्य वजह नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के नीचे मौजूद संरचना में आई तकनीकी समस्या के कारण सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ था।
बारिश के दौरान पानी के दबाव और सड़क के नीचे की स्थिति ने समस्या को और बढ़ा दिया। सड़क के नीचे बने हिस्से में कमजोरी आने के कारण ऊपरी सतह पर असर पड़ा और वाहनों की आवाजाही रोककर मरम्मत का काम शुरू करना पड़ा।
मरम्मत के चलते बंद करनी पड़ी दो लेन
सड़क धंसने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत सुधार कार्य शुरू किया गया। एक्सप्रेसवे पर जयपुर की ओर जाने वाली दिशा में तीन में से दो लेन को बंद करना पड़ा। इससे पहले केवल एक लेन से ही ट्रैफिक को निकाला जा रहा था, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मरम्मत के दौरान सड़क को मजबूत करने के लिए वेल्डिंग और अन्य तकनीकी कार्य किए जा रहे थे। लेकिन लगातार बारिश के कारण काम में बाधा आई। पानी और खराब मौसम की वजह से कुछ समय के लिए वेल्डिंग का काम रोकना पड़ा।
इसके बाद ट्रायल के तौर पर प्रभावित हिस्से पर लोहे की प्लेटें लगाकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई, ताकि ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके।
दो दिन तक परेशान रहे वाहन चालक
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर जाम का असर केवल एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास की सड़कों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना ज्यादा समय लगा।

ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, कैब चालकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। गुरुग्राम में पहले भी बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आती रही है, ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर शहर की ट्रैफिक और ड्रेनेज व्यवस्था पर चर्चा शुरू कर दी है।
शाम तक खोली गई एक्सप्रेसवे की सभी लेन
एनएचएआई और प्रशासन की कोशिशों के बाद बुधवार शाम करीब 7:35 बजे एक्सप्रेसवे की सभी तीनों लेन को फिर से खोल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क की स्थिति की जांच करने के बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य की गई। हालांकि, प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की कि वे इस मार्ग पर सावधानी से यात्रा करें और किसी भी आपात स्थिति में ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
गुरुग्राम में बारिश के बाद ट्रैफिक समस्या बनी चुनौती
गुरुग्राम में हर साल मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बनकर सामने आते हैं। शहर में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्य और बढ़ते वाहन दबाव के बीच बारिश के समय सड़क व्यवस्था को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर एक्सप्रेसवे देश के सबसे महत्वपूर्ण हाईवे मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बाधा का असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है। नरसिंहपुर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इतने महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल सड़क की मरम्मत के बाद यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन इस घटना ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और मानसून तैयारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।






















