हरियाणा के फतेहाबाद जिले के टोहाना में बिजली निगम के एक्सईएन (XEN) कार्यालय में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कुछ लोगों ने अधिकारी के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और उनके हाथ में पैसे देने का प्रयास किया। मामला इतना बढ़ गया कि एक्सईएन कृष्ण कुमार को कार्यालय से बाहर आकर कर्मचारियों से मदद मांगनी पड़ी। उन्होंने कर्मचारियों से पुलिस को सूचना देने और डायल-112 पर कॉल करने की अपील की।
पैसे लेने से इनकार करने पर विवाद बढ़ा
घटना के दौरान एक्सईएन कृष्ण कुमार बार-बार कर्मचारियों से कहते नजर आए कि उन पर हमला किया गया है और पुलिस को बुलाया जाए। कार्यालय में मौजूद स्टाफ ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में एक्सईएन इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार्यालय में बहस और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है।
एक्सईएन कृष्ण कुमार के अनुसार, सोमवार को कुछ लोग उनके कार्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि इन लोगों ने जबरन उनके हाथ में नोटों की गड्डी देने की कोशिश की। जब उन्होंने पैसे लेने से मना किया तो विवाद बढ़ गया और उनके साथ कथित रूप से हाथापाई करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। इसके बाद वह अपने कार्यालय से निकलकर कर्मचारियों के पास पहुंचे और मदद मांगी। कर्मचारियों ने दोनों पक्षों को अलग कराया और मामले को शांत करवाया।
ग्रामीण ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
वहीं, दूसरी तरफ गांव गाजूवाला निवासी देवेंद्र ने एक्सईएन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने के बदले उनसे दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। देवेंद्र ने इन आरोपों को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों और बिजली मंत्री को शिकायत भेजने की बात कही है।
देवेंद्र के मुताबिक, उनका कृषि पंप बिजली कनेक्शन वर्ष 2018 से लंबित है। शुरुआत में बिजली निगम की ओर से करीब तीन लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था, जिसे जमा करने के लिए वह तैयार थे। बाद में यह राशि बढ़ाकर करीब सवा चार लाख रुपये कर दी गई। उन्होंने बताया कि कनेक्शन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
दस्तावेज जमा करने के बाद भी नहीं मिला कनेक्शन
देवेंद्र का दावा है कि उन्होंने कनेक्शन के लिए सभी जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा करवाए थे। इसमें एफिडेविट, फर्द और रजिस्ट्री सहित अन्य कागजात शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर बिजली निगम के एसई एसएस रॉय से भी मुलाकात की थी।
देवेंद्र के अनुसार, एसई की ओर से कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद फाइल दोबारा चली, लेकिन नया एस्टीमेट तैयार कर दिया गया। उनका कहना है कि राशि जमा करने के बावजूद अभी तक उन्हें बिजली कनेक्शन नहीं मिला है।

एक्सईएन पर लगाए अन्य आरोप
देवेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि एक्सईएन अपने कथित माध्यम से ही लोगों के काम करवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई बार सरकारी वाहन उनके खेत तक पहुंचे हैं और छुट्टी वाले दिन भी पैमाइश कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली निगम के अधिकारियों का काम पैमाइश करवाना कब से हो गया। देवेंद्र का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
बिजली मंत्री और एमडी को भेजी शिकायत
देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत हरियाणा के बिजली मंत्री और विभाग के एमडी को ई-मेल के माध्यम से भेजी है। उन्होंने मांग की है कि एक्सईएन द्वारा मंजूर किए गए कनेक्शनों की जांच करवाई जाए और यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लंबित बिजली कनेक्शन की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
वहीं, एक्सईएन कृष्ण कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन पहले रद्द हो चुका था। बाद में उसे दोबारा शुरू करने का अधिकार एसई स्तर पर होता है।
उन्होंने बताया कि एस्टीमेट मंजूर होने के बाद काम शुरू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सरकारी जमीन से लाइन गुजरने की शिकायत मिलने के बाद पैमाइश करवाने की जरूरत पड़ी। एक्सईएन ने कहा कि सोमवार को चार-पांच लोग उनके कार्यालय आए और उन्होंने जबरन पैसे देने की कोशिश की। उन्होंने पैसे लेने से इनकार किया तो उनके साथ गलत व्यवहार किया गया और हमला करने का प्रयास किया गया।
फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच पहुंच गया है। एक पक्ष जहां बिजली कनेक्शन में देरी और रिश्वत मांगने का आरोप लगा रहा है, वहीं एक्सईएन ने खुद पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मारपीट और जबरन पैसे देने की कोशिश का आरोप लगाया है। अब पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।






















