Noida News: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करते हुए, नोएडा शहर ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। तेजी से बढ़ती औद्योगिक और शहरी संरचना के बीच प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने एक महत्वपूर्ण और वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। यह अभियान सिर्फ पेड़ लगाने की औपचारिकता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
सीएम योगी के आह्वान पर शुरू किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अपने आप में अनूठा है। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पर्यावरण सुरक्षा को एक तकनीकी या सरकारी काम की तरह नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव के रूप में पेश किया गया है। अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाने का अर्थ है कि उस पेड़ के साथ व्यक्ति की भावनात्मक जड़ें जुड़ जाती हैं, जिससे उस पौधे को संरक्षित और संवारित रखने की जिम्मेदारी भी स्वतः बढ़ जाती है।
इस वृहद अभियान के तहत नोएडा के कई प्रमुख स्थानों का चयन किया गया, जहाँ सेक्टर-32 स्थित ग्रीन बेल्ट और सेक्टर-93 के आसपास के क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल थे। सेक्टर-32 का ग्रीन बेल्ट नोएडा के फेफड़ों के रूप में जाना जाता है, जहाँ इस वृक्षारोपण से शहर के केंद्रीय हिस्से में ऑक्सीजन का स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। वहीं, सेक्टर-93 जैसे आधुनिक और व्यस्ततम क्षेत्रों में पेड़ों की इन पंक्तियों से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यातायात और औद्योगिक शोर को भी अवशोषित करने में सहायता मिलेगी। इनके अलावा शहर के अन्य विभिन्न सेक्टरों में भी इसी क्रम में पौधे रोपे गए।
अधिकारियों ने दिखाई ग्राउंड लेवल की भागीदारी
कार्यक्रम की गरिमा और प्रभावशीलता को दर्शाते हुए, इसमें गौतमबुद्ध नगर से जुड़े शीर्ष नेतृत्व ने शिरकत की। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा और नोएडा के विधायक पंकज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन दिग्गज नेताओं ने खुद मिट्टी खोदकर और पौधों को सींचकर आम नागरिकों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश दिया।
इस भव्य आयोजन में भाजपा के जिला अध्यक्ष महेश चौहान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, नोएडा एम्प्लाइज एसोसिएशन के तत्वावधान में एक बड़ा कार्यकर्ता वर्ग भी इस महाअभियान का हिस्सा बना। एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी राजकुमार सिंह, कोषाध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र और श्री श्रवण चौहान अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण बचाने का काम सिर्फ सरकारी विभागों का नहीं, बल्कि कर्मचारियों और यूनियनों का भी एक सामाजिक दायित्व है।

तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता का प्रदर्शन
वृक्षारोपण कार्यक्रम की सफलता में नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग के अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही। विभाग के निदेशक श्री आनंद मोहन सिंह के नेतृत्व में पूरे अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। इसके अलावा, महाप्रबंधक एके अरोड़ा, डीडी अंकित सेंगर और प्रशांत कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर निगरानी कर यह सुनिश्चित किया कि केवल पौधे ही नहीं लगाए जाएं, बल्कि उनकी प्रजातियां ऐसी हों जो तेजी से बढ़ें और जलवायु परिवर्तन का सामना कर सकें।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि नोएडा प्राधिकरण ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 4 लाख से अधिक पौधों का रोपण करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्र में, जहाँ प्रदूषण का स्तर अक्सर चिंताजनक बना रहता है, 4 लाख पौधे लगाना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आरडब्ल्यूए सेक्टरवासियों के सहयोग से यह संख्या हासिल की गई है। इन 4 लाख पौधों को यदि हम पारिस्थितिकी के दृष्टिकोण से देखें, तो ये भविष्य में लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करेंगे और शुद्ध ऑक्सीजन का उत्सर्जन करेंगे। इसके अलावा, ये पेड़ पक्षियों के लिए आश्रय स्थल और शहरी जंगल के निर्माण का आधार बनेंगे।























