भाजपा नोएडा महानगर के जिला कार्यालय में एक अनूठी राजनीतिक ऊर्जा का संगम देखने को मिला। श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘संस्मरण पखवाड़ा’ के तहत, जिला अध्यक्ष श्री महेश चौहान के कुशल नेतृत्व में एक विशाल जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का मूल उद्देश्य केवल एक बड़े नेता को याद करना भर नहीं था, बल्कि डॉ. मुखर्जी के अटूट राष्ट्रवादी विचारों, उनके जीवन के अद्भुत त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मंच से सीधे जनता के बीच जाने वाले कार्यकर्ताओं के हृदय तक पहुंचाना था।
मुख्य अतिथियों का संबोधन
इस ऐतिहासिक श्रृंखला में कार्यकर्ताओं को सीधे मार्गदर्शन देने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद एवं नोएडा प्रभारी आदरणीय श्रीमती कांता कर्दम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने अपने उद्बोधन में डॉ. मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने भारत की अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। श्रीमती कर्दम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता इस बात का धनी है कि वह मुखर्जी जी के विचारों को समाज के सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति (अंतिम व्यक्ति) तक पहुंचाए। उन्होंने राष्ट्र सेवा के संकल्प को और प्रखर करने का आह्वान किया।
वैचारिक दृढ़ता पर जोर
इसी क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष आदरणीय श्री मनोज पोसवाल ने डॉ. मुखर्जी के जीवन को साहस और वैचारिक अडिगता की जीवंत मिसाल बताया। उन्होंने उस ऐतिहासिक संकल्प को याद कराया जिसमें डॉ. मुखर्जी ने कहा था— “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।” पोसवाल ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने इस सपने को साकार करने के लिए अपना जीवन ही दे दिया। उन्होंने पार्टी के चिन्ह वाले कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएं और समाज सेवा के हर मोर्चे पर सक्रियता से भाग लें।
वरिष्ठ महिला नेतृत्व के विचार
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन त्याग और अटूट संकल्प की एक ऐसी किताब है, जिसे हर युवा को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर जोर दिया कि ‘सेवा, सुशासन और राष्ट्रहित’ को ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके साथ ही, महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता को मजबूत करने में डॉ. मुखर्जी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगर कोई भाजपा कार्यकर्ता सच्चे समर्पण और सेवा भाव से समाज में काम करता है, तो यही उस महान नेता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
संगठन की ताकत और ‘विकसित भारत’ का सपना
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए जिला अध्यक्ष श्री महेश चौहान ने एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत इसका अटूट संगठन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरह डॉ. मुखर्जी ने संगठन को प्राथमिकता दी, उसी तरह आज हर कार्यकर्ता के पसीने से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के सपने को धरातल पर उतारा जाएगा।






















