दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद में हुई मूसलाधार बारिश लोगों के लिए बड़ी आफत बन गई। लगातार हुई बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सबसे दुखद बात यह रही कि बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में तीन मासूम बच्चों सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
शहर के कई हिस्सों में पानी भरने से बढ़ा खतरा
बारिश के बाद गाजियाबाद के इंदिरापुरम, अंकुर विहार, मसूरी, सर्वोदय नगर और आसपास के कई इलाकों में सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। कई स्थानों पर पानी इतना अधिक जमा हो गया कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। जलभराव के कारण नाले, गड्ढे और खुले स्थान दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे कई दुर्घटनाएं हुईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसे हालात बनते हैं, लेकिन इसके बावजूद जल निकासी की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। इस बार हुई बारिश ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
करंट लगने से गई एक व्यक्ति की जान
इंदिरापुरम के ज्ञानखंड इलाके में बारिश के दौरान एक ट्रांसफार्मर में करंट उतर आया। इसी दौरान एक व्यक्ति उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
बारिश के कारण अबूपुर गांव के पास एक निर्माणाधीन सोसाइटी की चारदीवारी अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के पास बनी झुग्गी इसकी चपेट में आ गई, जिसमें रह रहा एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है।
तेज बहाव में बहकर सड़क पर मिला शव
लोनी के अंकुर विहार इलाके में जलभराव के कारण नाले का बहाव काफी तेज हो गया। इसी दौरान एक व्यक्ति बह गया और बाद में उसका शव सड़क पर तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और घटना की जांच शुरू कर दी है।
बारिश के बाद हुए जलभराव ने सबसे अधिक मासूम बच्चों को निशाना बनाया। सर्वोदय नगर, मसूरी और अंकुर विहार थाना क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इन हादसों के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
खेलते-खेलते लापता हुआ सात वर्षीय पोलू
अंकुर विहार थाना क्षेत्र के मिलक गांव के पास रहने वाला सात वर्षीय पोलू गुरुवार शाम खेलते समय घर से बाहर निकला था। लगातार बारिश के कारण आसपास की गलियां और खाली जगहें पानी से भरी हुई थीं। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।

रातभर पुलिस और परिवार के सदस्य बच्चे को खोजते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार दोपहर रिश्तेदारों ने झुग्गी के पास पानी से भरे गड्ढे में पोलू का शव देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिहार के नालंदा का रहने वाला है परिवार
पोलू का परिवार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के पाकरी गांव का रहने वाला है। परिवार पिछले करीब तीन वर्षों से गाजियाबाद के अंकुर विहार क्षेत्र में झुग्गी बनाकर रह रहा है। बच्चे के पिता सतीश कबाड़ बीनकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी सोनी देवी और तीन अन्य बच्चे भी हैं।
परिजनों के अनुसार, लगातार बारिश की वजह से पूरे इलाके में पानी भर गया था। इसी दौरान पोलू खेलते हुए घर से निकल गया और जलभराव वाले गड्ढे में डूब गया। इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
अंकुर विहार के सहायक पुलिस आयुक्त अमरदीप मौर्या ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य हादसों के संबंध में भी पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही दिन में बारिश से जुड़े हादसों में छह लोगों की मौत ने शहर की जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में खुले गड्ढे, ओवरफ्लो नाले और खराब ड्रेनेज सिस्टम लंबे समय से समस्या बने हुए हैं। समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों से पानी निकालने और हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, मृतकों के परिवारों में गहरा शोक है। भारी बारिश ने कुछ ही घंटों में कई घरों के चिराग बुझा दिए और यह हादसा शहर के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।






















