आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर देशभर में लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत दिल्ली के रोहिणी इलाके से होगी, जहां धार्मिक कार्यक्रम के बाद हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी लोगों की चिट्ठी
केजरीवाल के मुताबिक, रविवार को रोहिणी सेक्टर-10 स्थित जापानी पार्क में सुबह 11:30 बजे सुंदर कांड का पाठ आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर सिग्नेचर कैंपेन की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों की भावनाओं को सामने रखना है, जो राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित एक पत्र तैयार किया गया है, जिस पर लोगों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप पार्टी के कार्यकर्ता और राम भक्त घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान धार्मिक आयोजन भी किए जाएंगे। लोगों से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करने और आरती में शामिल होने की अपील की जाएगी। इसके बाद श्रद्धा के साथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हस्ताक्षर किए गए सभी पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजे जाएंगे। उनका दावा है कि भगवान का आशीर्वाद लेकर शुरू किया गया यह अभियान लोगों की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगा।
केजरीवाल ने पढ़कर सुनाई प्रधानमंत्री के नाम चिट्ठी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखी गई चिट्ठी को भी सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि इस पत्र में एक आम श्रद्धालु की भावनाओं को व्यक्त किया गया है।
अरविंद केजरीवाल के अनुसार, राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी विवाद से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद है कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद में सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से संबंधित कुछ जमीन खरीद मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी भी जारी है।
अयोध्या दौरे के दौरान भी उठाया था मुद्दा
बता दें कि अरविंद केजरीवाल हाल ही में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद उन्होंने कहा था कि उन्होंने भगवान श्रीराम के सामने संकल्प लिया है कि मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जब तक कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। उन्होंने इसे करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय बताया था।
देशभर में अभियान चलाने की तैयारी
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
अरविंद केजरीवाल ने अपील की है कि जो लोग इस मामले को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, वे इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। जहां आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन अभियान की तैयारी कर रही है, वहीं अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी इस पूरे मामले को लेकर सामने आ सकती हैं।


























