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बंगाल में सियासी तूफान, ममता के बयान से बढ़ी हलचल

टीएमसी प्रमुख ने एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें चुप कराना चाहता है तो उसके लिए उनकी आवाज दबाना ही एकमात्र रास्ता होगा। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।

ममता की हुंकार, भाजपा को दी खुली राजनीतिक चुनौती

HIGHLIGHTS

  • ममता का बड़ा वार, बोलीं- चुप कराना है तो मारना होगा
  • भाजपा पर भड़कीं ममता, बागियों को भी दे डाली चेतावनी
  • ममता बनर्जी का धमाकेदार बयान, बंगाल की राजनीति में हलचल
  • टीएमसी संकट के बीच ममता का भाजपा को सीधा चैलेंज
  • ममता का बड़ा आरोप, भाजपा कर रही नेताओं को परेशान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक बार फिर तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को कमजोर करने और नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह किसी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं।

टीएमसी प्रमुख ने एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें चुप कराना चाहता है तो उसके लिए उनकी आवाज दबाना ही एकमात्र रास्ता होगा। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। यह वीडियो टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियो में ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर से भाजपा में जा रहे नेताओं और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।

भाजपा पर लगाया डराने-धमकाने का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कई नेताओं को जांच एजेंसियों, राजनीतिक दबाव और अन्य तरीकों से परेशान किया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने टीएमसी नेताओं को कमजोर करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें भी निशाना बनाया गया।

ममता बनर्जी कहा कि आपने किसे नहीं परेशान किया? महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे नेताओं को भी निशाना बनाया गया। यहां तक कि मेरे घर तक पर हमला किया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि वह राजनीतिक लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं और जनता के मुद्दों को उठाती रहेंगी।

कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार पर जताई नाराजगी

टीएमसी प्रमुख ने अपनी पार्टी के उन कार्यकर्ताओं और नेताओं का भी मुद्दा उठाया जो अलग-अलग मामलों में हिरासत में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकअप में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ नेताओं को बेहद खराब परिस्थितियों में रखा गया है और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आना बाकी है। इससे पहले भी दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार सामने आते रहे हैं। ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में सबसे बड़ी चीज विश्वास होती है और जो नेता जनता तथा पार्टी के भरोसे को तोड़ते हैं, उन्हें इसका जवाब देना होगा।

ममता ने बागी नेताओं को साफ संदेश देते हुए कहा कि अगर उन्हें पार्टी छोड़नी है तो खुले तौर पर भाजपा में शामिल हो जाएं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पार्टी में रहते हुए दूसरी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, जो स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आप जाना चाहते हैं तो सीधे भाजपा में जाइए। तृणमूल कांग्रेस में बने रहने का दिखावा करते हुए दूसरी पार्टी के लिए काम मत कीजिए। ममता बनर्जी ने नेताओं से अपील की कि वे कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने की कोशिश न करें और अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करें।

भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के तीन बड़े नेता

ममता बनर्जी का यह हमला ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं ने पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया है। इनमें पूर्व टीएमसी सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक का नाम शामिल है।

इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। इससे बंगाल की राजनीति में नया समीकरण बनता नजर आ रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टीएमसी के सामने यह चुनौती सिर्फ नेताओं के जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी संगठन को एकजुट रखने की भी है।

बंगाल में बढ़ी राजनीतिक टकराव की स्थिति

पश्चिम बंगाल में लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता रहा है। विधानसभा चुनावों के बाद जहां भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं ममता बनर्जी अपनी पार्टी और संगठन को मजबूत बनाए रखने में जुटी हैं।

राज्यसभा उपचुनाव और नेताओं के दल बदलने की घटनाओं ने बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीएमसी इस चुनौती का सामना किस रणनीति के साथ करती है और भाजपा अपनी बढ़ती राजनीतिक ताकत को किस तरह आगे बढ़ाती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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