NIT कुरुक्षेत्र में बिहार की छात्रा की संदिग्ध मौत, छात्रों का उग्र प्रदर्शन

Haryana News: फिलहाल NIT कुरुक्षेत्र कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस और संस्थान प्रशासन मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, छात्रों का गुस्सा अभी शांत नजर नहीं आ रहा है। अगर प्रशासन जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो आने वाले घंटों में विरोध और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।

NIT कुरुक्षेत्र में छात्रों का आक्रोश
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HIGHLIGHTS

  • NIT कुरुक्षेत्र में छात्रों ने थामा मुख्य द्वार, प्रशासन घिरा
  • NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा
  • बिहार की छात्रा की मौत के बाद फैकल्टी पर गंभीर आरोप
  • बिहार की बेटी की रहस्यमयी मौत से NIT कुरुक्षेत्र में आग
  • NIT कुरुक्षेत्र में छात्राओं की बढ़ती मौतों पर उठी सवालियां

Kurukshetra News: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) कुरुक्षेत्र में बिहार की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बुधवार को कैंपस में जमकर बवाल हुआ। घटना की जानकारी होते ही आक्रोशित छात्रों ने संस्थान प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने मुख्य द्वार पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले की CBI जांच की सख्त मांग उठाई है।

मुख्य द्वार पर धरना, कैंपस में तनाव का माहौल

आक्रोशित छात्रों की भारी भीड़ ने एनआईटी के मुख्य गेट को जाम कर दिया और वहां बैठकर धरना शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत मुख्य द्वार बंद कर दिया, जिससे कैंपस के अंदर और बाहर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और छात्रों ने साफ कह दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे आंदोलन नहीं खत्म करेंगे।

प्रोफेसरों पर ‘मानसिक उत्पीड़न’ का गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान के कुछ प्रोफेसरों और लेक्चररों पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का आरोप है कि फैकल्टी के कुछ लोग छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। लगातार मिलने वाले असाइनमेंट, सख्त और अपमानजनक व्यवहार तथा कथित उत्पीड़न के कारण छात्र गंभीर मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। छात्रों का मानना है कि इसी जहरीले वातावरण की वजह से आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं।

पिछले 3 महीनों में चौथा मामला, ‘खोखली जांच’ से नाराज छात्र

विद्यार्थियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पिछले दो-तीन महीनों के दौरान यह कैंपस में चौथा सुसाइड केस है। उनका कहना है कि हर बार जब कोई निर्मम घटना होती है, तो प्रशासन केवल जांच का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। ठोस कार्रवाई के अभाव में इस बार छात्रों ने खुद को सड़क पर उतारने का फैसला लिया है, ताकि आगे और जानें बचाई जा सकें।

छात्रों की मुख्य मांगें:

  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या किसी उच्च स्तरीय एजेंसी को लगाया जाए।
  • जिन भी प्रोफेसरों या स्टाफ पर उत्पीड़न के आरोप साबित हों, उन्हें तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • कैंपस में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और पारदर्शी काउंसलिंग सिस्टम लागू किया जाए।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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