संध्या समय न्यूज
डिलिवरी ऐप्स अब सिर्फ किराने और सामान ही नहीं, बल्कि जान बचाने का भी जरिया बन गए हैं। हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसा ही दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डिलिवरी प्लेटफॉर्म की एम्बुलेंस सेवा ने 90 वर्षीय वृद्ध महिला की जान बचाकर सबका दिल जीत लिया है। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग इस ‘जानबख्श’ पहल की काफी तारीफ कर रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
रेडिट पर एक यूजर ने ‘ब्लिंकिट एम्बुलेंस के साथ अनुभव’ कैप्शन के साथ एक पोस्ट शेयर की है। पोस्ट में गुरुग्राम निवासी ने बताया कि 14 फरवरी की रात उनके परिवार में हड़कंप मच गया, जब उनकी 90 वर्षीय दादी को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। पिछले कुछ महीनों से उनकी सेहत चल रही थी, लेकिन इस रात स्थिति बेहद गंभीर हो गई। घबराए हुए परिवार ने तुरंत ब्लिंकिट की इन-ऐप एम्बुलेंस सेवा को कॉल की। कुछ ही देर में पैरामेडिक टीम ने फोन किया और मरीज की स्थिति समझने के बाद आश्वासन दिया कि एम्बुलेंस 7 से 10 मिनट के भीतर पहुंच जाएगी।
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ऑक्सीजन लेवल था 81 तक गिरा
टीम ने वादे के मुताबिक समय पर मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पा लिया। जांच में पता चला कि दादी का ऑक्सीजन लेवल गिरकर 81 हो गया था, जो कि खतरे की सीमा में था। टीम ने तुरंत ऑक्सीजन सहायता दी और उनके महत्वपूर्ण संकेतों (Vital Signs) की निगरानी शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में ऑक्सीजन लेवल 90 के पार पहुंच गया और दादी की हालत में सुधार हुआ। अस्पताल ले जाने तक टीम एक सीनियर डॉक्टर के संपर्क में रही, जिससे परिवार को बहुत राहत मिली।
‘जान बचाने वाली सेवा थी मुफ्त’
परिवार के मुताबिक, ऐसे गंभीर मौके पर जब जिंदगी और मौत के बीच कुछ ही देर का फर्क होता है, लोग कोई भी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं। लेकिन उन्हें यह जानकर और भी भावुक हुआ कि यह पूरी सेवा ‘फ्री’ थी। परिवार ने टीम के सदस्यों- मिन्हाज, गोपाल और दीपक का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया।

सोशल मीडिया पर खूब हो रही तारीफ
जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यूजर्स ने इस पहल की जमकर सराहना की। एक यूजर जो खुद मेडिकल प्रोफेशनल है, ने लिखा, “मैं रोज ब्लिंकिट एम्बुलेंस से मरीज आते देखता हूं। मरीज को हैंडओवर करने का उनका तरीका बेहद प्रोफेशनल है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, “मेरे पिता को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। कई एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाईं, लेकिन ब्लिंकिट की एम्बुलेंस समय पर आई और उन्होंने पूरी मदद की।”यह मामला बताता है कि टेक्नोलॉजी और त्वरित सेवाओं का सही उपयोग करके कैसे लोगों की जान बचाई जा सकती है। डिलिवरी ऐप्स का यह कदम आम जनता के लिए एक राहत की खबर साबित हो रहा है।




















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