Bihar News: भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने आज बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है जिसके साथ ही भाजपा को इस पूर्वी राज्य बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री मिल है। राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने राजधानी के लोक भवन (पूर्व में राजभवन) में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि हालांकि पार्टी 2005 से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के हिस्से के रूप में बिहार की सत्ता में शामिल रही है (2013-2017 और 2022-2024 के बीच के कुछ अंतराल को छोड़कर), लेकिन यह पहला मौका है जब इसे मुख्यमंत्री का पद मिला है। सम्राट चौधरी के साथ ही जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
निशांत कुमार ने लिया पीछे हटने का फैसला
शपथ ग्रहण समारोह से पहले एक बड़ी राजनीतिक उठापटक देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को दो उपमुख्यमंत्रियों में से एक के रूप में शपथ लेनी थी। हालांकि, जेडीयू सूत्रों के अनुसार, निशांत ने शासन में अपनी अनुभवहीनता का हवाला देते हुए शपथ लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने शासन की बारीकियां सीखने के लिए अधिक समय मांगा है।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए केंद्रीय नेता
समारोह की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। इस कार्यक्रम का संचालन बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किया। इस ऐतिहासिक मौके पर नीतीश कुमार और जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के अनुसार, किसी राज्य में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा के कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत तक सीमित होता है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में सम्राट, विजय और बिजेंद्र के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल में 33 पद रिक्त हैं। सूत्रों के अनुसार, शेष मंत्रियों की नियुक्ति मई में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद की जाएगी।
अब सत्ता-साझाकरण पर होगी चर्चा
बिहार में एनडीए का गठन भाजपा, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (धर्मनिरपेक्ष) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने मिलकर किया है। अब इन सहयोगी दलों के नेताओं के बीच राज्य में सत्ता-साझाकरण के फार्मूले पर चर्चा होगी, जिसमें बाकी 33 मंत्रिमंडल पदों और महत्वपूर्ण विभागों की बंटवारा को लेकर रणनीति तय होगी।



















