बिहार में नई सरकार का गठन, सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

Bihar News:भाजपा नेता श्रवण चौधरी ने सम्राट चौधरी को जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि वे बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं और संगठन के प्रति उनका समर्पण उन्हें एक सक्षम नेतृत्वकर्ता बनाता है।

सीएम सम्राट चौधरी को बधाई देते भाजपा नेता श्रवण चौधरी
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HIGHLIGHTS

  • एनडीए सरकार में दो डिप्टी सीएम, नए मंत्रिमंडल को लेकर सियासत तेज
  • पटना राजभवन में शपथ ग्रहण, जेपी नड्डा समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान—“बिहार में चलेगा मोदी-नीतीश मॉडल”
  • शराबबंदी कानून पर फिर बहस, नई सरकार के रुख पर टिकी निगाहें
  • अनंत सिंह का विवादित बयान—शराबबंदी खत्म करने की उठी मांग

Bihar News: बिहार में करीब दो दशक बाद बुधवार को नई सरकार का गठन हुआ। एनडीए विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे राज्य के 24वें मुख्यमंत्री और भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बताए जा रहे हैं। उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री—बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी—ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।

राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के प्रमुख नेता शामिल थे। शपथ ग्रहण के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार तुरंत काम शुरू करेगी और राज्य में “मोदी-नीतीश मॉडल” के तहत विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा नेता श्रवण चौधरी ने सम्राट चौधरी को जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि वे बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं और संगठन के प्रति उनका समर्पण उन्हें एक सक्षम नेतृत्वकर्ता बनाता है।

शराबबंदी पर नई बहस

नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। कई नेताओं द्वारा इसके प्रभाव और भविष्य को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। जदयू विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी कानून की समीक्षा या इसे समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शराब पर प्रतिबंध के बाद “नशे के अन्य रूप” बढ़े हैं, इसलिए इस नीति पर पुनर्विचार जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। वहीं, कुछ नेताओं ने कानून को समाप्त किए जाने की संभावनाओं पर अलग-अलग दावे किए हैं। जन सुराज अभियान के प्रशांत किशोर ने भी पहले राज्य की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इस नीति पर सवाल उठाए थे।

राजनीतिक हलचल जारी

शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही यह चर्चा भी जारी है कि नई सरकार शराबबंदी कानून में कोई बदलाव करेगी या इसे यथावत रखेगी। वाम दल सीपीआई (माले) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी तरह के “बुलडोजर एक्शन” का विरोध किया जाएगा। फिलहाल, नई सरकार के गठन के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरण और नीतिगत फैसलों को लेकर हलचल तेज बनी हुई है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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