कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

कृषि मंत्री से लेकर बिहार के सीएम तक, जानिएं सम्राट चौधरी की सियासी दास्तान

Bihar News: सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा अपने पिता के साथ राजद से शुरू हुई। 1990 में राजद की सदस्यता लेने के बाद 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने, लेकिन कम उम्र के विवाद के चलते (तब वे न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे) उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

भाजपा ने सम्राट चौधरी को चुना नेता

HIGHLIGHTS

  • बिहार में 'नीतीश युग' की समाप्ति, अब शुरू होगा 'सम्राट युग'
  • नीतीश के इस्तीफे के बाद बिहार की बागडोर संभालेंगे सम्राट चौधरी
  • महज 8 साल में सुशील मोदी की जगह लेकर सीएम की कुर्सी तक पहुंचे सम्राट चौधरी
  • 'लव-कुश' समीकरण को तोड़ने की भाजपा की बड़ी चाल
  • पहली बार पार्टी का अपना मुख्यमंत्री बनेगा सम्राट

Bihar News: बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में राकेश कुमार उर्फ सम्राट चौधरी को नेता चुना गया है। कल लोकभवन में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। अब बिहार में नीतीश युग की समाप्ति के साथ ‘सम्राट युग’ की शुरुआत हो रही है।

“यह केवल एक पद नहीं, बल्कि सेवा का पवित्र अवसर”

नए मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने पर सम्राट चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं।”

विरासत में मिली राजनीति

16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के लखनपुर में प्रसिद्ध राजनेता शकुनी चौधरी के घर जन्मे सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे और लालू यादव तथा नीतीश कुमार के करीबी माने जाते थे। हालांकि, सम्राट की शैक्षणिक योग्यता को लेकर कई बार विवाद भी खड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त है।

राजद से लेकर भाजपा तक का सफर

सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा अपने पिता के साथ राजद से शुरू हुई। 1990 में राजद की सदस्यता लेने के बाद 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने, लेकिन कम उम्र के विवाद के चलते (तब वे न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे) उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

बाद में उन्होंने 2000 और 2010 में परबत्ता से विधायकी जीती। साल 2014 में जब नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ा और जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री बने, तब सम्राट राजद से 7 विधायकों को लेकर जदयू में शामिल हो गए और नगर विकास मंत्री बनाए गए। हालांकि, एक साल बाद ही नीतीश कुमार तेजस्वी के साथ मिलकर सत्ता में वापस आ गए। इसके बाद सम्राट चौधरी जीतनराम मांझी के गुट में शामिल हो गए और राजनीति में कुछ समय के लिए अलग-थलग पड़ गए।

साल 2018 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली। इसके बाद उनकी रफ्तार बहुत तेज हुई- 2019 में प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी, 2023 में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, 2024 में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री, और 2025 में तारापुर से चुनाव जीतकर फिर से उपमुख्यमंत्री बने। अब वे सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

सुशील मोदी की जगह लेने वाले चेहरे

सम्राट चौधरी ने भाजपा का दामन तब थामा जब बिहार भाजपा में सुशील कुमार मोदी की एक छत्र शासन था। पार्टी को ऐसे नेता की तलाश थी जो मोदी के कद के बराबर या उससे बड़ा हो सके। भाजपा आलाकमान को सम्राट में यह क्षमता दिखी। 2018 से लेकर अब तक उन्हें लगातार अहम जिम्मेदारियां दी गईं। सुशील मोदी के निधन के बाद सम्राट चौधरी का बिहार भाजपा पर एकतरफा राज हो गया है। मात्र 8 साल के भाजपा करियर में उन्होंने पार्टी के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया है।

जातीय समीकरण और ‘सम्राट ही क्यों?’ का सवाल

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का लंबा दबदबा रहा है, जिन्हें ‘लव-कुश’ (कुर्मी और कुशवाहा) जातियों का भारी समर्थन प्राप्त था। कुर्मी (2.87%) और कुशवाहा (4.27%) को मिलाकर यह लगभग 7 प्रतिशत का वोट बैंक है। नीतीश स्वयं कुर्मी थे, जबकि भाजपा ने उनकी जगह कोईरी (अत्यंत पिछड़ी जाति) से आने वाले सम्राट चौधरी को सेट किया है। पार्टी ने इस बदलाव के जरिए नई जातीय समीकरण तैयार करने की कोशिश की है।

कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बनने के बाद भाजपा समर्थकों में खुशी का माहौल है।

  • माधव झा आजाद ने कहा, “सम्राट चौधरी सुलझे हुए और संघर्षशील नेता हैं। भाजपायुक्त बिहार बनने का हमारा सपना साकार हो रहा है, इस खुशी में हम कावड़ यात्रा निकालेंगे।”
  • उमेश शर्मा ने कहा, “सम्राट चौधरी बिहार को मजबूत नेतृत्व देंगे और विकास को और आगे ले जाएंगे।”
  • आदर्श कुमार ने कहा, “यह भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। पहली बार बिहार को भाजपा का अपना मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। अब सुशासन और भी मजबूत होगा।”
  • भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा, “नीतीश कुमार के आशीर्वाद और पीएम मोदी के मार्गदर्शन में यह सरकार चलेगी। परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सभी कार्यकर्ता नीतीश जी का धन्यवाद कर रहे हैं कि उन्होंने भाजपा को नेतृत्व देने का मौका दिया।”

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now